Health Alert : एंटीबायोटिक का असर बढ़ाने का नया तरीका ईजाद, जानिये शोध में क्‍या पता चला

Updated: | Wed, 27 Oct 2021 06:07 PM (IST)

नया शोध वह रास्ता उपलब्ध कराएगा, जिसके जरिये एंटीबायोटिक्स का असर बढ़ जाएगा और डाक्टरों को मरीज की एंटीबायोटिक की खुराक बढ़ाने अथवा नई दवा की खोज पर निर्भर भी नहीं रहना पड़ेगा। शोधकर्ताओं ने एक ऐसा तरीका खोज निकाला है, जिससे एंटीबायोटिक दवाएं प्रतिरोधी बैक्टीरिया पर ज्यादा असरदार हो जाएंगी। एंटीबायोटिक्स का प्रतिरोध करने वाले बैक्टीरिया को सुपरबग्स भी कहा जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, सुपरबग्स का एंटीबायोटिक प्रतिरोध बढ़ता जा रहा है और यह वैश्विक स्वास्थ्य से जुड़े 10 बड़े खतरों में शुमार है।

बैक्टीरियल इंफेक्शन (जीवाणु संक्रमण) के दौरान शरीर कीमोअट्रेक्टेंट नामक मोलेक्युल्स के जरिये संक्रमण वाले स्थान पर न्यूट्रोफिल पैदा करता है। न्यूट्रोफिल प्रतिरक्षा कोशिकाएं हैं, जो नुकसानदेह बैक्टीरिया को खत्म करने में सक्षम हैं। ऐसा प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के लिए जरूरी होता है। नेचर कम्युनिकेशंस पत्रिका में प्रकाशित इस शोध में शोधकर्ताओं ने एक कीमोअट्रेक्टेंट को एक एंटीबायोटिक में शामिल किया, जिससे उसकी प्रतिरक्षा कोशिकाओं को पैदा करने और नुकसानदेह बैक्टीरिया को खत्म करने की क्षमता में वृद्धि हुई।

मोनाश बायोमेडिसिन डिस्कवरी इंस्टीट्यूट से जुड़ी मुख्य शोधकर्ता डा. जेनिफर पायने ने कहा, "जब हम यह पता लगाते हैं कि हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली बैक्टीरिया का मुकाबला कैसे करती है, तो दो अहम पहलुओं पर गौर करते हैं। पहला, बैक्टीरिया को फंसाकर उसे मार डालने की हमारी क्षमता तथा दूसरा कीमोअट्रेक्टेंट व सफेद रक्त कोशिकाओं की प्रतिक्रियाएं जो संक्रमण को खत्म करने के लिए शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करती हैं।"

Posted By: Navodit Saktawat