Health Alert : डिमेंशिया के इलाज में कारगर नहीं है यह दवा, बढ़ जाता है मौत का खतरा

Updated: | Sun, 24 Oct 2021 07:25 PM (IST)

यूनिवर्सिटी आफ प्लाइमाउथ के शोधकर्ताओं के नेतृत्व वाला अध्ययन बताता है कि अवसादरोधी दवा मर्टजापिन डिमेंशिया के मरीजों के इलाज में प्रभावी नहीं है। घबराहट डिमेंशिया मरीजों का सामान्य लक्षण है, जिसे बातचीत व वाहन चलाने जैसी गतिविधियों के दौरान चिन्हित किया जा सकता है। इसमें अक्सर शारीरिक व मौखिक आक्रामकता भी शामिल हो जाती है। डिमेंशिया के मरीजों की घबराहट के इलाज में प्रयुक्त होने वाली सामान्य दवा प्रभावी नहीं पाई गई। अंतरराष्ट्रीय पत्रिका लांसेट में प्रकाशित एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि अवसादरोधी यह दवा मौत के खतरे को बढ़ा देती है। यूनिवर्सिटी के फैकल्टी आफ हेल्थ के डीन व शोध के नेतृत्वकर्ता प्रो. सुबे बनर्जी के अनुसार, "दुनियाभर में करीब 4.6 करोड़ लोग डिमेंशिया के शिकार हैं और अगले 20 वर्षों में इसके मरीजों की संख्या दोगुनी हो जाएगी। खराब जीवन शैली कई समस्याएं पैदा करती है, जिनमें घबराहट भी शामिल है। हम प्रभावित लोगों के लिए रास्ते की तलाश कर रहे हैं।

ऐसे किया गया यह अध्‍ययन

अध्ययन के लिए ब्रिटेन के विभिन्न हिस्सों से अलजाइमर के संभावित 204 मरीजों को चुनकर उनके दो समूह बनाए गए। पहले समूह को मर्टजापिन दवा दी गई, जबकि दूसरे में डमी का इस्तेमाल किया गया। 12 महीने बाद भी मर्टजापिन का उपयोग करने वाले समूह को दूसरे समूह के मुकाबले आराम नहीं मिला। दूसरी तरफ, 16 हफ्तों के दौरान मर्टजापिन समूह से सात लोगों की मौत हुई, जबकि डमी वाले समूह से सिर्फ एक की।

Posted By: Navodit Saktawat