High Cholesterol Symptoms: कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर त्वचा पर दिखने लगते ये लक्षण, कभी न करें नजरअंदाज

Updated: | Thu, 28 Oct 2021 10:21 AM (IST)

High Cholesterol Symptoms। बदली जीवन शैली के कारण आजकल अधिकांश लोग कोलेस्ट्रॉल की समस्या से ग्रसित है। हमारे शरीर में Cholesterol भी दो तरह का होता है, एक Good Cholesterol और दूसरा Bad Cholesterol। शरीर में जब बैड Cholesterol बढ़ता है तो दिल के साथ-साथ कई दूसरी तरह की समस्या होने लगती है और समय रहते यदि बढ़े हुए Cholesterol को प्रति अलर्ट हो जाएं तो किसी बड़े खतरे से बचा जा सकता है।

Good Cholesterol बनाता है विटामिन और हार्मोन

हमारे शरीर गुड कोलेस्ट्रॉल ही विटामिन और हार्मोन का निर्माण करता है। यदि शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल कम होता है और बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है तो शरीर में रक्त प्रवाह बाधित होने लगता है। आज हम शरीर के कुछ ऐसे लक्षणों के बारे में बता रहे हैं, जो कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर त्वचा पर नजर आते हैं।

- शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, तो इससे त्वचा पर निशान देखने को मिलते हैं। त्वचा पर संतरी, पीले रंग के निशान दिखने लगते हैं। साथ ही हाथों, पैरों या त्वचा पर किसी अन्य जगह पर निशान देखने को मिले तो इसे हल्के में बिल्कुल न लें। ऐसे में हृदय रोग होने की आशंका रहती है।

- आंखाें के ऊपर पीले चकत्ते या पपड़ी दिखाई दे, ताे इस लक्षण काे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह भी शरीर में काेलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण हो सकता है। जब खून में वसा की मात्रा बढ़ती है तो आंखाें के ऊपर पीले चकत्ते, डायबिटीज का भी संकेत हाे सकता है।

- त्वचा ही नहीं पलकाें पर भी काेलेस्ट्रॉल बढ़ने के लक्षण नजर आतें हैं, जब पलकाें पर पीले रंग की ग्राेथ हाेने लगती है, ताे संभव है कि शरीर में बैड काेलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ रहा हाे। पलकाें पर पीले रंग की ग्राेथ हाई बैड काेलेस्ट्रॉल का संकेत देता है।

हाथ-पैरों की त्वचा पर दर्द महसूस हाेना

खून में कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ता है, ताे हाथ और पैराें की त्वचा पर सिहरन ही महसूस हाेने लगती है। हाथ-पैराें की त्वचा में बेवजह दर्द हाेना काेलेस्ट्रॉल बढ़ने का संकेत हाे सकता है।

काेलेस्ट्रॉल बढ़ने से हो सकती है ये बीमारियां

हृदय राेग, डायबिटीज, किडनी राेग, पीसीओएस, ऑटाेइम्यून राेग, साेरायसिस

ये है कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियों का संबंध, इन बातों को जरूर जान लें

हमारे शरीर के नासिका छिद्रों से रक्त के तीन भाग बहते हैं। पहला है रेड ब्लड सेल्स, दूसरा है व्हाइट ब्लड सेल्स और तीसरा हिस्सा है प्लेटलेट्स। प्लाज्मा रक्त का तरल रासायनिक भाग है जिसमें ये तीन भाग तैरते हैं। आधे से ज्यादा खून प्लेटलेट्स का होता है। अधिकांश प्लेटलेट्स पानी से बने होते हैं जिसमें इलेक्ट्रोलाइट्स और प्रोटीन घुल जाते हैं।

स्वस्थ शरीर में कितना कोलेस्ट्रॉल होता है?

एक स्वस्थ व्यक्ति के रक्त में कुल 140 मिलीग्राम कोलेस्ट्रॉल होता है। इसमें 70 प्रतिशत कोलेस्ट्रॉल हमें भोजन के माध्यम से मिलता है। शेष 30 प्रतिशत कोलेस्ट्रॉल शरीर की कोशिकाओं और यकृत में बनता है। एक स्वस्थ व्यक्ति का लीवर प्रतिदिन लगभग 100 मिलीग्राम कोलेस्ट्रॉल का उत्पादन करता है।

कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने पर खतरनाक

उच्च कोलेस्ट्रॉल हृदय धमनियों में एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों का सख्त होना) नामक विकार का कारण बनता है। शरीर में बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे धमनियों में जमा होने लगता है। जमा एक थक्का बन जाता है। जब यह थक्का बढ़ जाता है और रक्त प्रवाह में बाधा डालता है, तो हृदय को पूरे शरीर में रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। हृदय की बड़ी धमनी में रक्त संचार अवरुद्ध होने से छाती में तेज दर्द होता है। यह दिल के दौरे का पहला संकेत है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से रक्त में थक्के बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। जब धमनी में रक्त का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है तो ये थक्के दिल का दौरा पड़ते हैं। मस्तिष्क की नसों में इस थक्के के कारण ब्रेन हेमरेज के कारण मस्तिष्क की नसें फट जाती हैं। मरीज को बचाना बहुत मुश्किल हो जाता है। कोलेस्ट्रोल की अधिकता से गॉलब्लैडर में पथरी बनने लगती है। इससे अपच की शिकायत होती है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से चेहरे पर झुर्रियां पड़ने लगती हैं। थकान महसूस कर रहा हूँ। चेहरे पर बुढ़ापा झलक रहा है।

हृदय रोग का खतरा किसे अधिक होता है

1. जो एक जगह काम करते हैं

2. कम चलता है और किसी भी प्रकार का परिश्रम, व्यायाम नहीं करता

3. मोटे लोग

4. मधुमेह और उच्च रक्तचाप के रोगी

5. अधिक तेल, घी, पनीर, मक्खन जैसे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करने वालों में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है।

कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कैसे कम करें?

कोलेस्ट्रॉल की मात्रा हमारे खाने से ज्यादा होती है। इसलिए, कोलेस्ट्रॉल कम करने वाला पहला भोजन, वसा की मात्रा कम करें। आहार में संतुलित मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और वसा का सेवन करें। मूंगफली, सरसों, सोयाबीन, तिल, सूरजमुखी आदि तेलों का प्रयोग करें। नारियल तेल, डालडा आदि खाने से बचें। कर दो। दूध में से मलाई निकाल कर उसका सेवन करें। एक अंडे की जर्दी में लगभग 275 मिलीग्राम कोलेस्ट्रॉल होता है। मानसिक तनाव से बचें।

Posted By: Sandeep Chourey