कोविड-19 के लक्षणों के कारण अस्पताल में भर्ती बच्चों में मस्तिष्क संबंधी समस्याएं

बच्चों के मस्तिष्क से जुड़ी समस्याओं में सिर दर्द और मानसिक स्थितियों में बदलाव प्रमुख थीं। इन्हें गंभीर एंसेफैलोपैथी के रूप में जाना जाता है।

Updated: | Sat, 22 Jan 2022 05:56 PM (IST)

यदि आपके परिवार में कोई बच्‍चा या किशोर कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुका है तो यह आपके लिए काम की खबर है। संक्रमण के बाद अगर अस्‍पताल में भर्ती होने जैसे हालात बने हों तो ध्‍यान रखें, यह मन के साथ-साथ मस्तिष्‍क के लिए भी ठीक नहीं माना गया है। यह खुलासा एक नए अध्‍ययन में सामने आया है। विज्ञानियों ने एक नए अध्ययन में पता लगाया है कि कोविड-19 पाजिटिव अथवा उसके लक्षणों के कारण अस्पताल में भर्ती बच्चों में से 44 प्रतिशत में मस्तिष्क संबंधी समस्याएं पैदा हुईं और उनकी सघन देखभाल करनी पड़ी। अध्ययन का नेतृत्व यूपीएमसी व यूनिवर्सिटी आफ पिट्सबर्ग स्कूल आफ मेडिसिन की एक बाल रोग विशेषज्ञ-वैज्ञानिक ने किया, जो पीडियाट्रिक न्यूरोलाजी नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। बच्चों के मस्तिष्क से जुड़ी समस्याओं में सिर दर्द और मानसिक स्थितियों में बदलाव प्रमुख थीं। इन्हें गंभीर एंसेफैलोपैथी के रूप में जाना जाता है।

जीसीएस-न्यूरोकोविड से जुड़े बाल रोग विशेषज्ञों ने पहली बार समस्या की गहराई में जाने की कोशिश की है। जीसीएस-न्यूरोकोविड बहु केंद्रीय संगठन है, जिसका उद्देश्य यह समझना है कि कोविड मस्तिष्क व तंत्रिका तंत्र को कैसे प्रभावित करती है। यूपीएमसी चिल्ड्रन हास्पिटल आफ पिट्सबर्ग में बाल रोग विशेषज्ञ व अध्ययन की प्रमुख लेखिका एरिक फिंक के अनुसार, "सार्स सीओवी-2 वायरस बाल रोगियों को अलग-अलग तरीकों से प्रभावित कर सकता है। संक्रमण के लक्षण दिखाई देने के बाद यह गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। यही नहीं, संक्रमण की समाप्ति के हफ्तों बाद बच्चे सूजन की समस्या का भी सामना कर सकते हैं, जिसे एमआइएस-सी के नाम से जाना जाता है।"

Posted By: Navodit Saktawat