विश्व एड्स दिवस 2021: जानें थीम, इतिहास, कोट्स और एड्स दिवस क्यों महत्वपूर्ण है?

Updated: | Wed, 01 Dec 2021 10:13 AM (IST)

World AIDS Day 2021: हर साल 1 दिसंबर को दुनिया भर में एड्स दिवस मनाया जाता है। विश्व एड्स दिवस उन लोगों की याद में माया जाता है, जिनका एचआईवी के कारण निधन हो गया और उन लोगों को सहायता प्रदान करता है। जो जीवन के लिए खतरनाक स्थिति के साथ जी रहे हैं। वर्ल्ड एड्स डे विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा चिह्नित ग्यारह आधिकारिक वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियानों में से एक है।

विश्व एड्स दिवस का इतिहास

सबसे पहले विश्व एड्स दिवस साल 1988 में मनाया गया था। प्रारंभ में यह दिवस सिर्फ बच्चों और युवाओं से ही जोड़कर देखा जाता था, लेकिन बाद में पता चला कि एआईवी संक्रमण किसी भी आयु के व्यक्ति को हो सकता है। 1997 में विश्व एड्स अभियान के तहत संचार, रोकथाम और जागरूकता पर काम शुरू हुआ। डब्ल्यूएचओ के अनुसार 2020 में पूरी दुनिया में 3.77 करोड़ लोग इस बीमारी से पीड़ित थे।

विश्व एड्स दिवस 2021 की थीम

Hiv.org की वेबसाइट के अनुसार, विश्व एड्स दिवस के लिए इस साल की थीम है- असमानताओं को समाप्त करें, एड्स का अंत करें। 2008 के बाद से हर वर्ष की थीम को डब्ल्यूएसी की ग्लोबल स्टीयरिंग कमेटी द्वारा चुना जाता है।

विश्व एड्स दिवस क्यों महत्वपूर्ण है

यह दिवस लोगों और सरकारों को याद दिलाता है कि एचआईवी वायरस बहुत अधिक प्रचलित है। इसके खिलाफ सतर्क रहने की जरूरत है। विश्व एड्स दिवस लोगों को बताया है कि अभी ओर जागरूकता बढ़ाने, जनता को शिक्षित करने और एड्स के खिलाफ मिलजुलकर लड़ने की आवश्यकता है।

विश्व एड्स दिवस पर कोट्स

- एक बच्चे को प्यार, हंसी और शांति दें - एड्स नहीं- नेल्डसन मंडेला

- कलंक से लड़ने और एचआईवी पॉजिटिव लोगों को सशक्त बनाने के लिए सर्वोत्तम तरीकों में से एक यह है कि हम कौन हैं और हम क्या अनुभव करते हैं। इस बारे में खुलकर और ईमानदारी से बात करें। एलेक्स गार्नर, एचआईवी कार्यकर्ता

- आपतो गले लगाने या हाथ मिलाने या दोस्त के साथ भोजन करने से एड्स नहीं हो सकता। - मैजिक जॉनसन

- यह काफी बुरा है कि लोग एड्स से मर रहे हैं, लेकिन कोई भी अज्ञानता से नहीं मरना चाहिए। - एलिजाबेथ टेलर

- हर दिन सुरक्षित दिन, सुरक्षा को अवकाश नहीं, आपकी सुरक्षा, आपके परिवार की सुरक्षा।

- आओ मिलकर विश्व एड्स मनाएं, लोगों में इस विषय के प्रति अलख जगाएं।

- न ही साथ रहने से फैलगा, न ही छूने से फैलेगा, यह तो सिर्फ असावधानी से फैलेगा।

Dr. Mohan Yadav

Shivraj Singh Chauhan

Banna Gupta

Posted By: Arvind Dubey