भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का परीक्षण अंतिम चरण में, सितंबर तक बच्‍चों के लिए वैक्‍सीन संभव : AIIMS

Updated: | Sat, 24 Jul 2021 11:39 PM (IST)

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स के निदेशक डा. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का बच्चों पर परीक्षण अंतिम चरण में है। हैदराबाद स्थित कंपनी भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवैक्सीन का बच्चों पर तीन चरणों में परीक्षण किया जा रहा है। पहले चरण में 12-18 साल की उम्र के बीच बच्चों पर परीक्षण शुरू किया था, उसके बाद छह से 12 साल के बच्चों पर परीक्षण किया गया और अब दो से छह साल के बच्चों पर वैक्सीन का परीक्षण चल रहा है। उन्‍होंने कहा, बच्चों के लिए अब वैक्सीन आ जानी चाहिए, क्योंकि भारत में उपलब्ध वैक्सीन का पहले से ही परीक्षण चल रहा है। भारत बायोटेक का परीक्षण अंतिम चरण में है और सितंबर तक हमे डाटा मिल जाएंगे।" उन्होंने कहा, "आने वाले हफ्तों में या सितंबर तक बच्चों के लिए वैक्सीन उपलब्ध होनी चाहिए। फिर हमें एक क्रमबद्ध तरीके से बच्चों का टीकाकरण शुरू करना चाहिए जैसा हम 18-45 साल की उम्र के लोगों के लिए कर रहे हैं और इससे बच्चों को अधिक सुरक्षा मिलेगी और लोगों को यह भरोसा होगा कि बच्चे सुरक्षित हैं।" अहमदाबाद स्थित दवा कंपनी जायडस कैडिला ने अपनी कोरोना रोधी वैक्सीन जायकोव-डी के लिए इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मांगी है। कंपनी ने इसके लिए आवेदन के साथ वैक्सीन का बच्चों पर किए गए परीक्षण के आंकड़े भी उपलब्ध कराए हैं। जायडस कैडिला ने 12-18 साल के बच्चों पर परीक्षण किया है। भारत के दवा महानियंत्रक (डीसीजीआइ) द्वारा जल्द ही इस पर कोई फैसला लिया जाएगा।

Posted By: Navodit Saktawat