कांग्रेस नेतृत्व किसी एक व्यक्ति का दैवीय अधिकार नहीं, प्रशांत किशोर ने साधा राहुल गांधी पर निशाना

Updated: | Fri, 03 Dec 2021 12:27 PM (IST)

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने एक बार फिर कांग्रेस को आढ़े हाथों लिया है। किशोर ने कांग्रेस लीडरशिप पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जो पार्टी पिछले 10 साल में 90% इलेक्शन हारी है। उसका विपक्ष के नेतृत्व पर कोई दैवीय अधिकार नहीं हो सकता। गौरतलब है कि बीते दिनों पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और कांग्रेस (Congress) पर निशाना साधा था।

प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर कहा

प्रशांत किशोर ने गुरुवार को एक ट्वीट किया। कहा कि एक मजबूत विपक्ष के लिए कांग्रेस जिस आईडिया और स्पेस का प्रतिनिधित्व करती है, वह महत्वपूर्ण है। लेकिन कांग्रेस का नेतृत्व किसी व्यक्ति का दैवीय अधिकार नहीं है। खासकर तब, जब पार्टी पिछले 10 वर्षों में 90 प्रतिशत से अधिक चुनाव हार गई हो। विपक्षी नेतृत्व को लोकतांत्रिक तरीके से तय करने दें।

ममता को विपक्ष का नेता प्रोजेक्ट करने की तैयारी

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर ने ममता बनर्जी का चुनावी कैंपेन मैनेज किया था। इस इलेक्शन में ममता की जीत हुई। इसके बाद से सीएम बनर्जी दिल्ली और मुंबई का दौरा कर पार्टी के विस्तार में लगी हैं। बंगाल में अन्य पार्टियों के कई दिग्गज नेता टीएमसी में शामिल हो चुके हैं। कहा जा रहा है कि प्रशांत किशोर, ममता बनर्जी को विपक्ष की नेता के तौर पर प्रोजेक्ट करने के लिए तैयारी कर रहे हैं।

कांग्रेस वाला यूपीए अब खत्म

इधर ममता बनर्जी ने बुधवार को राकांपा प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपीए गठबंधन की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि मैं महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे और शरद पवार से मिलने आई हूं। आज देश में जैसा फासीवाद चल रहा है। इसके खिलाफ देश में एक मजबूत वैकल्पिक फोर्स बनानी चाहिए। ममता ने कहा, 'अब यूपीए कोई गठबंधन नहीं है। यह खत्म हो चुका है।' इससे पहले सीएम बनर्जी ने राहुल गांधी पर सिविल सोसाइटी के सदस्यों से मुलाकात के दौरान निशाना साधा। उन्होंने राहुल का नाम लिए बिना कहा कि अगर कोई कुछ नहीं करता है, विदेश में रहता है तो कैसे चलेगा। इस लिए हमें अन्य प्रदेशों में जाना पड़ा है।

Posted By: Shailendra Kumar