HamburgerMenuButton

FACT CHECK: क्या 25 सितंबर से फिर लगने जा रहा Lockdown, जानिए दावे की सच्चाई

Updated: | Thu, 24 Sep 2020 09:49 AM (IST)

FACT CHECK: देश में कोरोना महामारी रोज नया रिकॉर्ड बना रही है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे प्रभावित देश बन गया है। इस बीच, सोशल मीडिया पर चर्चा है कि क्या केंद्र सरकार आगामी 25 सितंबर से एक बार फिर राष्ट्र व्यापी लॉकडाउन का ऐलान करने जा रही है? इसके पीछे बेकाबू हो तो कोरोना केसों का हवाला दिया जा रहा है। यह दावा नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीएमए) की ओर से जारी कथित चिट्ठी के हवाले से किया गया। मैसेज वायरल होने के बाद पीआईबी ने इसका FACT CHECK किया यानी सच्चाई पता लगाने की कोशिश की। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) ने पाया कि एनडीएमम की उक्त पत्र फर्जी है। पीआईबी ने अपने ट्वीट में लिखा, यह लेटर फेक है। एनडीएमए ने फिर से लॉकडाउन लागू करने के लिए कोई आदेश जारी नहीं किया है।

...यह भी कहा गया फर्जी लेटर में

नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीएमए) के नाम से जारी लेटर में कहा गया कि इस बार लॉकडाउन 48 दिनों का होगा और पहले से अधिक सख्त होगा। केंद्र सरकार जल्द गाइडलाइन जारी करेगी, जिसमें बताया जाएगा कि क्या खुला रहेगा और क्या बंद। वायरस मैसेज के मुताबिक, सरकार ने अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए कुछ छूट दी, लेकिन इसका उल्टा असर देखने को मिला, क्योंकि कोरोना तेजी से फैसला ने लगा। यह भी देखने में आया कि लोग मास्क लगाने और फिजिकल डिस्टेंगिंस का पालन करने में कोताही बरत रहे हैं।

कोरोना को मात देने लोगों के मामलों में दुनिया का दूसरा देश बना भारत

इस बीच अच्छी खबर यह है कि भारत दुनिया का दूसरा देश बन गया है, जहां सबसे ज्यादा लोगों ने Covid-19 को मात दी है। अमेरिका में सबसे ज्यादा मरीज अब तक Covid-19 को मात दे चुके हैं। वर्ल्डोमीटर के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में अब तक 38.55 लाख से अधिक Covid-19 के मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं, जबकि अमेरिका में यह संख्या 40 लाख से अधिक और ब्राजील में 35.73 लाख है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में कुल 60 फीसदी सक्रिय मामले सिर्फ 5 राज्यों में ही हैं। इन राज्यों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु शामिल हैं। मरीजों के स्वस्थ होने की दर भी बढ़कर 78 फीसदी हो गई है। इन पांच राज्यों में कुल संक्रमितों के करीब 60 फीसद मामले भी हैं। महाराष्ट्र में सबसे अधिक (21.9 फीसद), आंध्र प्रदेश में (11.7 फीसद), तमिलनाडु में (10.4 फीसद), कर्नाटक में (9.5 फीसद) और उत्तर प्रदेश में (6.4 फीसद) है।

Posted By: Arvind Dubey
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.