पेंशनभोगियों को सरकार ने दी नई सुविधा, अब जीवन प्रमाण-पत्र में इस्‍तेमाल होगी यह तकनीक

Updated: | Mon, 29 Nov 2021 10:24 PM (IST)

सरकार ने पेंशनभोगियों के जीवन प्रमाणपत्र के तौर पर प्रयोग के लिए फेस रिकग्निशन यानी चेहरा पहचान से जुड़ी एक अनूठी तकनीक लांच की है। यह ना केवल केंद्र सरकार के 68 लाख पेंशनर्स के जीवन को आसानी बनाएगी बल्कि इससे ईपीएफओ और प्रदेश सरकार के पेंशनभोगियों को भी सुविधा होगी। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय लाइफ सर्टिफिकेट को डिजिटल रूप में देने की सुविधा पहले ही लागू कर चुका है। सभी पेंशनर्स को साल में एक बार जीवित रहने का प्रमाणपत्र जमा कराना होता है। वर्ष 2014 में सत्ता में आने के तुरंत बाद सरकार ने पेंशनभोगियों को डिजिटल तरीके से लाइफ सर्टिफिकेट पेश करने की सुविधा प्रदान की थी। फेस रिकग्निशन की अनूठी तकनीक पेंशनर्स को और मदद प्रदान करेगी।" कार्मिक मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, केंद्र सरकार पेंशनभोगियों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील रही है उनके जीवन को आसान बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि लाइफ सर्टिफिकेट देने की यह फेस रिकग्निशन तकनीक एक ऐतिहासिक और दूरगामी सुधार है।

आसरा पेंशन : 1 लाख से अधिक पेंशन आवेदन लंबित

तेलंगाना राज्य सरकार ने पेंशन आवेदकों की आयु घटाकर 57 वर्ष कर दी थी। राज्य सरकार ने अगस्त व अक्टूबर माह में आसरा पेंशन के लिए आयु 57 वर्ष घटाकर नए आवेदन मांगे थे। 2019 से अगस्त 2021 की अवधि के बाद से, 1 लाख से अधिक पेंशन आवेदन लंबित हैं। उम्र कम होने के बाद अगस्त और अक्टूबर के महीने में नए आवेदन जमा किए गए। इस प्रकार पेंशन आवेदनों की कुल संख्या 29 लाख तक पहुंच गई। लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी जांच की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। सरकार ने अगस्त माह से पेंशन देने की घोषणा की थी। हुजूराबाद में 57 साल के करीब 2500 लोगों को ही पेंशन दी गई। राज्य भर में हजारों लोगों को पेंशन मिलने की उम्मीद है। संबंधित अधिकारियों का कहना है कि स्क्रूटनी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और पेंशन जारी होने में अभी एक माह और लगेगा।

Posted By: Navodit Saktawat