Gyanvapi Case Updates: दोनों पक्षों को नहीं सौंपी गई वीडियोग्राफी व फोटोग्राफ

Gyanvapi Case Updates: ज्ञानवापी प्रकरण को लेकर अब 30 मई को ही प्रकरण में अदालत में भी सुनवाई होनी है।

Updated: | Fri, 27 May 2022 07:36 PM (IST)

Gyanvapi Case Updates: ज्ञानवापी मस्जिद प्रकरण में एडवोकेट कमिश्‍नर की कार्यवाही के दौरान संकलित किए गए वीडियोग्राफ और फोटोग्राफ को अदालत में जमा करने के बाद दोनों पक्षों को आपत्ति के लिए एक एक प्रति सौंपने के मामले में अब इसके लीक होने की संभावना जताई जा रही है। इस मामले में तकनीकी दिक्‍कत होने की वजह से उसकी प्रति तैयार नहीं हो सकी और शुक्रवार को यह प्रक्रिया पूरी भी नहीं हो सकी। इस मामले में अदालत की पूरी कार्यवाही ही एडवोकेट कमिश्‍नर के फोटो और वीडियो साक्ष्‍यों पर आधारित है। लिहाजा अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से अदालत में इसके प्रसार को रोकने की मांग भी की गई है। जबकि अदालत से वीडियो और फोटोग्राफ को देखकर इस मामले में आपत्ति करने के लिए सात दिनों का समय भी दिया गया है। अब अगर 30 मई को दोनों पक्षों को यह दिया गया तो सात जून तक आपत्ति दाखिल करनी होगी।

सार्वजनिक रूप से शेयर ना की जाए रिपोर्ट

दूसरी ओर विश्व वैदिक सनातन संघ प्रमुख जितेन्द्र सिंह "बिसेन" ने जिला मजिस्ट्रेट से मांग की है कि ज्ञानवापी मस्जिद की जांच रिपोर्ट की एडवोकेट कमिश्‍नर की कार्यवाही के दौरान संकलिक फोटोग्राफी या वीडियो किसी पब्लिक प्लेटफॉर्म पर साझा न हो। यह पूरी तरह से कोर्ट की संपत्ति रहे और कोर्ट तक सीमित रहे। अन्यथा राष्ट्रविरोधी ताकतें सांप्रदायिक माहौल भी इसके आधार पर बिगाड़ सकती हैं। वहीं इसके प्रसार से सांप्रदिक सौहार्द और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। किसी के पब्लिक प्लेटफॉर्म पर साझा करने के प्रयास में लिप्त पाए जाने पर रासुका सहित अन्य प्रावधानों में कानूनी कार्यवाही करने की मांग की गई है।

अब 30 मई को सौंपे जाने की संभावना

ज्ञानवापी प्रकरण में एडवाेकेट कमिश्‍नर की कार्यवाही के दौरान रिपोर्ट के साथ दाखिल विडियोग्राफी व फोटोग्राफी को जारी न करने का अंजुमन इंतजामिया मसाजिद के वकीलों ने अदालत से अपील की है। इस पर वादी पक्ष की ओर से आपत्ति भी की गई है। अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी को 30 मई को अब विडियोग्राफी और फोटोग्राफ मिलने की उम्‍मीद है। ज्ञानवापी प्रकरण को लेकर अब 30 मई को ही प्रकरण में अदालत में भी सुनवाई होनी है।

Posted By: Navodit Saktawat
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