बीएसएफ के जवानों का हौसला बढ़ाने बॉर्डर पर पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह, तनोट माता मंदिर के दर्शन किये

Updated: | Sat, 04 Dec 2021 06:26 PM (IST)

जोधपुर, 4 दिसम्बर। बीएसएफ अपना 57 वा स्थापना दिवस पहली बार राजधानी के बाहर सरहदी जिले जैसलमेर में मना रहा है ।इस के मुख्य अतिथि गृह मंत्री अमित शाह अपने दो दिन के दौरे के तहत जैसलमेर में हैं। गृह मंत्री अमित शाह रात्रि में भी रोहिताश चौकी पर विश्राम करेंगे। अगले दिन जैसलमेर के पूनमसिंह स्टेडियम में होने वाले समारोह और परेड में शिकरत करने के बाद जयपुर प्रस्थान करेंगे। जैसलमेर में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी उनके साथ दिखाई दिए, जहां जैसलमेर एयरपोर्ट पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उनका स्वागत किया गया। जैसलमेर पहुचने के साथ ही अमित शाह सैनिकों की देवी कही जाने वाली सरहद स्थित तनोट माता के मंदिर विशेष विमान से पहुँचे। मन्दिर परिसर में BSF के जवानों द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया । गृह मंत्री अमित शाह द्वारा वहां स्थित विजय स्तम्भ पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रंद्धाजलि अर्पित की गयी । शाह और केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने तनोट माता मंदिर पहुँच पूजा अर्चना की व देश मे कुशलक्षेम की कामना की। अमित शाह को मन्दिर परिसर में रखे बमो से जुड़ी जानकारियों से अवगत करवाया गया। बीसएफ हैट पहने केंद्रीय गृहमंत्री ने वहाँ के जवानों के साथ सेल्फी खिंचवाई।

तनोट माता के दर्शनों के बाद उन्होंने 220 किलोमीटर दूर सरहद पर स्थित रोहिताश बॉर्डर की ओर रुख किया जहां वे 5 बजे के करीब पहुँचे ।वहाँ स्थित सरहद स्थित चौकियों का निरीक्षण किया। जवानों से मुलाकात में अमित शाह ने बॉर्डर पर आने वाली कठिनाइयों के बारे में भी बात की । रोहिताश बॉर्डर पर बने सीमा पॉइंट से सनसेट के लिए पहुचे। वही रात्रि में बीएसएफ की ओर से रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। शाह ने जवानों के साथ रात्रि भोजन कर BOP पर ही रात्रि विश्राम किया। गृहमंत्री का सीमा पर विश्राम करना अपने आप में सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इससे पहले बीएसएफ के स्थापना दिवस ना तो कभी राजधानी से बाहर आयोजित हुआ और ना ही देश के इतने बड़े नेता ने कभी अग्रिम सीमा चौकियों पर रात्रि विश्राम किया है। रात्रि विश्राम के बाद वे पांच दिसम्बर को सवेरे जैसलमेर के सम रोड़ स्थित बीएसएफ बटालियन पहुचेंगे।

Posted By: Navodit Saktawat