आंदोलन खत्म होगा या जारी रहेगा, आगे की रणनीति पर किसान संगठनों की बैठकें आज

Updated: | Sat, 27 Nov 2021 02:50 PM (IST)

LIVE Updates Law on MSP: तीनों कृषि कानूनों की वापसी के बाद भी किसान आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। अब किसान की सबसे बड़ी मांग एमएसपी (MPS) यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य हो गई है। इसी को लेकर आंदोलन जारी है और संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान भी किसान संगठन हल्ला करने की प्लानिंग बना रहे हैं। आगे की रणनीति के लिए आज बैठकें हो रही हैं। इस बीच खबर यह है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बीती रात नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मनोहर लाल ने जो कहा, उससे किसान और भड़क सकते हैं। बकौल हरियाणा सीएम, इस बार की संभावना कम ही है कि सरकार MSP पर कानून लाए। यानी अब इस मुद्दे पर किसानों और सरकार के बीच तनाव बढ़ सकता है।

MSP पर हरियाणा के मुख्यमंत्री का पूरा बयान

शुक्रवार को पीएम मोदी से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञों की राय का हवाला देते हुए कहा कि एमएसपी पर कानून बनाना संभव नहीं है क्योंकि ऐसा करने से सरकार पर सभी फसलें खरीदने का दबाव होगा, जो संभव नहीं है। मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री चिंतित हैं और चाहतें कि किसान वापस अपने काम पर चले जाएं। कानूनों को निरस्त करने की घोषणा ने एक अच्छा संदेश दिया है और संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कानून वापस लिए जाने के बाद किसान निश्चित रूप से अपने घरों को लौट आएंगे।

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ प्रदूषण, पराली जलाने, साफ-सफाई, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ समेत कई अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री को गीता महोत्सव का न्योता भी दिया और उनसे ऑर्बिटर रेल कॉरिडोर की आधारशिला रखने का भी आग्रह किया।

राकेश टिकैत का आरोप, किसानों को फायदा होगा, इसीलिए सरकार नहीं चाहती वार्ता

भारतीय किसान यूुनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत अब MSP के मुद्दे पर सरकार पर हमला बोलने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने अपने ताजा बयान में आरोप लगाया है कि MSP पर कानून बनने से किसानों को फायदा होगा। यही कारण है कि सरकार इस पर बात नहीं करना चाहती है।

बकौल राकेश टिकैत, हमने कुछ दिन पहले सरकार को चिट्ठी लिखी थी, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया है। 22 जनवरी के बाद जब पिछली बैठक हुई थी तब से भारत सरकार ने हमसे कोई बातचीत नहीं की है। अब उन्होंने कानूनों को निरस्त करने का फैसला किया है, लेकिन हमारे मुद्दे जस के तस हैं जिनमें एमएसपी, 700 किसानों की मौत का मुआवजा और उनके लिए 'शाहिद स्मारक' शामिल हैं। सरकार को बिजली संशोधन बिल, कीटनाशक बिल और अन्य जैसे अन्य मुद्दों के समाधान के लिए एक समिति बनानी चाहिए।

Posted By: Arvind Dubey