Nawab Malik ने आरोपों को Sameer Wankhede के परिवार ने बताया झूठा, पत्नी ने शेयर की शादी की तस्वीरें

Updated: | Tue, 26 Oct 2021 01:27 PM (IST)

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के जोनल प्रमुख समीर वानखेड़े ने जब से बॉलीवुड ड्रग्स केस की जांच शुरू की है, तब से एनसीपी नेता और उद्धव ठाकरे सरकार में मंत्री नवाब मलिक (Nawab Malik) ने उन्हें अपने निशाने पर ले रखा है। Nawab Malik ने Sameer Wankhede की जाति लेकर नया हमला बोला। इसके बाद समीर वानखेड़े के पिता ज्ञानदेव काचरूजी और पत्नी क्रांति वानखेड़े सामने आए और केंद्रीय अधिकारी का बचाव किया। समीर वानखेड़े की पत्नी और मराठी एक्ट्रेस क्रांति वानखेड़े ने कहा कि उनके पति ने कुछ भी गलत नहीं किया है और परिवार इस तरह की बयानबाजी को बर्दाश्त नहीं करेगा। क्रांति ने समीर वानखेड़े के साथ अपनी शादी की तस्वीरें भी शेयर की और कहा कि उनके पूरा परिवार हिंदू है।

क्रांति ने अपने इंस्टाग्राम पर शादी की तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा, मैं और मेरे पति जन्मजात हिंदू हैं। हमने कभी धर्म परिवर्तन नहीं किया है। हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं. समीर के पिता भी हिंदू हैं जिन्होंने एक मुस्लिम महिला से शादी की थी, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। (नीचे देखिए तस्वीरें)

Nawab Malik ने Sameer Wankhede पर फिर लगाए आरोप

नवाब मलिक ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि समीर वानखेड़े जन्म से मुस्लिम हैं और उनका असली नाम समीर दाऊद वानखेड़े है। Nawab Malik ने अपना दावा पुष्ट करने के लिए बर्थ सर्टिफिकेट भी पेश किया और आरोप लगाया कि समीर वानखेड़े ने फर्जी दस्तावेज पेश किए हैं। Nawab Malik के मुताबिक, Sameer Wankhede के खिलाफ यह दस्तावेज एनसीबी के ही एक कर्मचारी ने उन्हें दिए हैं। Sameer Wankhede अभी दिल्ली में हैं और उन्होेंने कहा कि वे मुंबई जाकर इसका जवाब देंगे।

Nawab Malik के आरोपों पर Sameer Wankhede के पिता का पलटवार

समीर वानखेड़े के पिता ज्ञानदेव काचरूजी ने नवाब मलिक के दावे पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि एनसीपी का यह नेता बेहद निचले स्तर की राजनीति कर रहा है। वानखेड़े के पिता ने कहा कि उनका नाम ज्ञानदेव है न कि दाऊद जैसा कि राकांपा नेता ने दावा किया है।

उन्होंने कहा कि उनका बेटा महाभारत महाकाव्य के 'अभिमन्यु' की तरह है जो दुश्मनों से घिरा हुआ है, लेकिन वह अर्जुन की तरह इस 'चक्रव्यूह' से बाहर आ जाएगा। मलिक पर पलटवार करते हुए वानखेड़े के पिता ने कहा, यह बिल्कुल झूठ है कि मेरा नाम दाऊद वानखेड़े है। मुझे लगता है कि समीर वानखेड़े के उस जन्म प्रमाण पत्र को जारी करने और हमें बदनाम करने के पीछे मलिक का कुछ दुर्भावनापूर्ण इरादा है। मेरा नाम मेरे जन्म से ही ज्ञानदेव वानखेड़े है और आज भी वही है। मैंने अपना ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन पूरा किया और यहां तक ​​कि राज्य सरकार के एक विभाग में भी काम किया। यह कैसे संभव है कि उनमें से कोई नहीं जानता था कि मेरा नाम ज्ञानदेव नहीं था और वह दाऊद था? अकेले मलिक को संदिग्ध दस्तावेज कैसे मिल गया?

Posted By: Arvind Dubey