तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए विधेयक पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किए हस्ताक्षर

Updated: | Wed, 01 Dec 2021 08:19 PM (IST)

नई दिल्ली। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके खिलाफ विशेष रूप से हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान एक साल से विरोध कर रहे हैं। तीन कृषि कानूनों को रद्द करने वाला विधेयक सोमवार को शीतकालीन सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों में रिकॉर्ड समय में पारित हो गया था। विपक्ष की मांगों पर चर्चा के बीच चार मिनट के भीतर कृषि कानून निरसन विधेयक लोकसभा में पारित हो गया। राज्यसभा में इसे संक्षिप्त चर्चा के बाद पारित कर दिया गया। एक साल से अधिक समय से देश भर में बड़े पैमाने पर किसान विरोध के केंद्र में तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर को उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में चुनावों से कुछ महीने पहले एक आश्चर्यजनक घोषणा में वापस ले लिया था।

पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के हजारों किसान नवंबर 2020 से दिल्ली के बाहर डेरा डाले हुए हैं और मांग कर रहे हैं कि "काले कानूनों" को वापस लिया जाए। बीजेपी को उत्तरी राज्यों में बड़े पैमाने पर गुस्से का सामना करना पड़ा है, जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर सकती क्योंकि वह 2024 के राष्ट्रीय चुनावों सहित बड़े चुनावों के लिए तैयार है।

विपक्ष और किसानों ने सरकार पर संसद के माध्यम से तीन कानूनों को बिना ज्यादा चर्चा के खारिजकरने का आरोप लगाया। सरकार ने कहा कि कानून बिचौलियों को हटा देगा और किसानों को देश में कहीं भी बेचने की अनुमति देकर उनकी आय में सुधार करेगा। किसानों ने तर्क दिया कि कानून उन्हें अनुचित प्रतिस्पर्धा के लिए उजागर करेंगे, उन्हें कॉरपोरेट्स की दया पर छोड़ देंगे और उन्हें उनकी उपज के गारंटीकृत मूल्य से वंचित कर देंगे।

Posted By: Navodit Saktawat