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राजस्थान: कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को प्रतिमाह 2500 रुपए, बालिग होने पर 5 लाख देगी सरकार

Updated: | Sat, 12 Jun 2021 09:22 PM (IST)

राजस्थान सरकार ने कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए 'मुख्यमंत्री कोरोना बाल कल्याण योजना' की शुरुआत की है। इस स्कीम के तहत अनाथ बालक-बालिका के 18 वर्ष की उम्र होने पर 5 लाख रूपये एकमुश्त सहायता दी जाएगी। ऐसे बच्चों की 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई का खर्चा सरकार उठायेगी। वहीं योजना के तहत गवर्नमेंट बच्चों को अभी एक लाख रुपए और 18 वर्ष के होने तक 2500 रुपए हर महीने देगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को इस संबंध में जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण माता-पिता दोनों को अथवा एकल जीवित माता या पिता को खोने वाले बेसहारा बच्चों को मुख्यमंत्री कोरोना बाल कल्याण योजना के तहत तत्काल सहायता के रूप में एक लाख रूपये का एकमुश्त अनुदान और 18 वर्ष पूरे होने तक ढ़ाई हजार रूपये की राशि प्रतिमाह दी जाएगी। सीएम ने कहा, 'महामारी से प्रभावित निराश्रित युवाओं को युवा संबल योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता दिए जाने में प्राथमिकता दी जाएगी।'

गहलोत ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण अपने पति को खो चुकी विधवा महिलाओं सरकार द्वारा एकमुश्त एक लाख रूपये की सहायता अनुदान के रूप में दी जाएगी। साथ ही विधवाओं को प्रतिमाह डेढ़ हजार रूपये विधवा पेंशन दी जाएगी। इसके लिये आयु वर्ग एवं आय की कोई भी सीमा नहीं है। उन्होंने कहा, महिलाओं के बच्चों को निर्वाह के लिए एक हजार रूपये प्रतिमाह तथा स्कूल ड्रेस एवं किताबों के लिए दो हजार रूपये सालाना प्रति बच्चा दिया जाएगा।' सीएम गहलोत ने आगे बताया कि बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए नेहरू बाल संरक्षण कोष बनाया गया है।

Posted By: Arvind Dubey
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