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Rajasthan : जस्टिस जीके व्यास राज्य मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष नियुक्त

Updated: | Fri, 22 Jan 2021 08:44 PM (IST)

रंजन दवे, जोधपुर । राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास को राजस्थान मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है । राजस्थान के राज्यपाल के द्वारा नियुक्ति आदेश की घोषणा के बाद जोधपुर में खुशी का माहौल है। जस्टिस जी के व्यास को शुभकामनाये देने वालों का तांता लगा है। इस अवसर पर जस्टिस व्यास ने भी आम जन के मूल अधिकारों की रक्षा और पद की कर्तव्यनिष्ठा के दायित्व निर्वहन की बात दोहराई।

मूलरूप से बीकानेर से अपनी वकालत शुरू करने वाले जीके व्यास 13 जून 2005 को न्यायाधीश के पद पर नियुक्त हुए थे । वे 13 सालों तक राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीश रहे और वर्तमान में जोधपुर में निवासरत है। वहीं बीकानेर के बाद उन्होंने जोधपुर में भी वकालत प्रेक्टिस की।

वकालत के साथ-साथ समाज सेवा और धार्मिक क्रियाकलापों में भी जस्टिस व्यास सदैव ही अग्रणी रहे।वकालत में भी उन्होंने जरूरतमंद और गरीब व्यक्तियों की निशुल्क पैरवी की। न्यायाधीश के तौर पर भी जस्टिस जी के व्यास स्व मोटो संज्ञान के तहत लिए गए निर्णयोन के लिए अलग रूप से पहचाने जाते रहे हैं।

प्रदेश के राज्यपाल कलराज मिश्र की ओर से अध्यक्ष नियुक्त करने के साथ ही जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास के घर परिवार से लेकर न्यायपालिका और समाजसेवा के क्षेत्र से जुड़े लोग उन्हें फोन पर बधाईयां दे रहे हैं । वहीं जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास के घर पर मिठाईयां खिलाने व बधाई देने वालों का तांता लग गया । गायन वादन के शौकीन जस्टिस व्यास हमेशा विधि के क्षेत्र में कामयाबी के लिये कड़ी मेहनत के साथ अनुशासन को ही प्राथमिक सीढ़ी मानते हैं।

- मेरा सबसे बड़ा दायित्व रहेगा कि लोगो के मूल अधिकारों से जुड़े कामों को सकारत्मकता के साथ संपूर्ण करना। ऐसे मामले मेरे संज्ञान में आएंगे तो मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके । सरकार ने मुझपर जो विश्वास किया है, उस कार्य को पूरा करने के लिए मुझे लोगो के सहयोग की भी अपेक्षा रहेंगी, जिससे सबके साथ मिल कर आमजन के अधिकारों की रक्षा की जा सके। - जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास, नवनियुक्त अध्यक्ष, राज्य मानवाधिकार आयोग, राजस्थान

Posted By: Sandeep Chourey
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