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पढ़िए सुभाष चंद्र बोस के ये अनमोल विचार, सकारात्मकता से भर जाएगा जीवन

Updated: | Sat, 23 Jan 2021 07:24 AM (IST)

Subhash Chandra Bose Jayanti 2021: स्वतंत्रता सैनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती 23 जनवरी को मनाई जाएगी। देश एक बार फिर भारत मां के लाड़ले अपने नेताजी को याद कर रहा है। सोशल मीडिया के दौर में भी Subhash Chandra Bose Jayanti 2021 की चर्चा तेज है। लोग नेताजी के विचारों को याद कर रहे हैं और एके दूसरे को प्रेरित कर रहे हैं। यहां पढ़िए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के ऐसे अनमोल विचार जो किसी की भी जिंदगी बना सकते हैं। नेताजी के विचारों में क्रांति तो थी ही, लाइव मैनेजमेंट भी था। उन्होंने अपने विचार के जरिए यह बताने की कोशिश की कि किस तरह हर व्यक्ति एक अच्छा नागरिक बनकर एक अच्छे राष्ट्र के निर्माण में सहयोग प्रदान कर सकता है।

इस बार बहुत खास है सुभाष बाबू की जयंती

इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव होने के कारण नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जंयती की खास चर्चा है। सुभाष चंद्र बोस के 125वें जन्मदिन से पहले केंद्र सरकार ने बड़ा एलान किया है कि अब उनके जन्मदिन 23 जनवरी को देश और दुनिया में हर साल पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी खुद पश्चिम बंगाल जा रहे हैं। वहीं टीएमसी ने भी ऐसी ही योजना बनाई है। इस दिन 125 रुपए सिक्का भी जारी होने जा रहा है।

Subhash Chandra Bose Famous Quotes

तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा

मुझे यह नहीं मालूम की स्वतंत्रता के इस युद्ध में हममें से कौन- कौन जीवित बचेंगे, परन्तु मैं यह जानता हूं, अंत में विजय हमारी ही होगी।

मध्या भावे गुडं दद्यात -- अर्थात जहां शहद का अभाव हो वहां गुड से ही शहद का कार्य निकालना चाहिए।

कष्टों का निसंदेह एक आंतरिक नैतिक मूल्य होता है।

हमारी राह भले ही भयानक और पथरीली हो, हमारी यात्रा चाहे कितनी भी कष्टदायक हो, फिर भी हमें आगे बढ़ना ही है। सफलता का दिन दूर हो सकता है , पर उसका आना अनिवार्य है।

इतना तो आप भी मानेंगे, एक न एक दिन तो मैं जेल से अवश्य मुक्त हो जाऊंगा, क्योंकि प्रत्येक दुःख का अंत होना अवश्यम्भावी है।

सफलता की नींव हमेशा असफलता से ही होकर गुजरती है।

हर सुबह से पहले घनघोर अंधेरा ही होता है इसलिए संघर्ष करो, क्योंकि हम स्वतंत्रता के नजदीक ही हैं।

याद रखिये सबसे बड़ा अपराध अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना है।

संघर्षों ने मुझे मनुष्य बनाया, इसके कारण मुझमे ऐसा आत्मविश्वास उत्पन्न हुआ जो मेरे में पहले कभी नहीं था।

हमेशा संघर्षों और उनके जरिए समाधानों से ही आगे बढ़ा जाता है।

भले ही जीवन अनिश्चित है लेकिन इस बात से मैं कभी नहीं घबराता।

भविष्य का निर्माण मेरे ही हाथ में है।

मां का प्यार सबसे गहरा होता है जो कि बिना किसी स्वार्थ के होता है जिसे मापा नहीं जा सकता।

भारत में राष्ट्रवाद की नींव की शक्ति लोगों को जगाने का कार्य किया है जो की पहले निष्क्रिय हो गई थी।

एक सच्चे सैनिक को सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ आध्यात्मिक शिक्षण की भी आवश्कयता होती है।

हमारे देश की गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी, बीमारी जैसे अनेक समस्याओ का अंत समाजवादी तरीके से ही किया जा सकता है।

हम सभी के अंदर बस एक इच्छा होनी चाहिए – मरने की इच्छा ताकि भारत जी सके, एक सैनिक के शाहदत से ही देश हमेसा जिन्दा खड़ा रहता है।

हमारा यह कर्तव्य है कि अपने स्वतंत्रता की रक्षा अपने खून से चुकाने के लिए तैयार रहें, हमे जो भी आजादी मिली है उसकी हर हाल में रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है।

जीवन के हर पल में आशा की कोई ना कोई किरण जरुर आती है जो हमें आगे बढ़ने का मार्ग प्रस्तुत करती है।

Posted By: Arvind Dubey
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