यूजीसी ने विश्वविद्यालयों और कालेजों से शिक्षकों के खाली पदों की 31 दिसंबर तक मांगी जानकारी

Updated: | Mon, 29 Nov 2021 09:42 PM (IST)

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देशभर के सभी विश्वविद्यालयों और कालेजों को इस संबंध में दिए गए अपने निर्देश में कहा है कि जितनी जल्द ही वह शिक्षकों के खाली पदों को भरने का काम पूरा करें। इस संबंध में उठाए गए कदमों की जानकारी भी उन्हें दें। इन सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को फिलहाल शिक्षकों के खाली पड़े पदों को तेजी से भरने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही शिक्षकों के खाली पदों का ब्योरा 31 दिसंबर तक देने को कहा गया है। यूजीसी के मुताबिक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति आने के बाद देशभर में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए जिस तेजी के साथ मुहिम छेड़ी गई है, उनमें शिक्षकों के खाली पदों को भरना बेहद जरूरी है क्योंकि इसके बगैर इस लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल है। नीति में भी शिक्षकों के खाली पदों को भरने पर जोर दिया गया है। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने देशभर के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के खाली पदों को भरने की एक बड़ी मुहिम शुरू की है।

इसकी शुरुआत केंद्रीय विश्वविद्यालयों से की गई है, जिसे अब आगे बढ़ाते हुए देशभर के सभी विश्वविद्यालयों और कालेजों को भी जोड़ा गया है। शिक्षकों के खाली पदों को भरने पर यह जोर इसलिए भी दिया गया जा रहा है क्योंकि अकेले केंद्रीय विश्वविद्यालयों में ही शिक्षकों के करीब 6,300 पद खाली हैं। हाल ही में नीति के सुझावों पर अमल करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया था कि वे जल्द से जल्द शिक्षकों के खाली पदों को भरें। बता दें कि प्रधान के इस निर्देश के बाद अब तक दर्जनभर से ज्यादा केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन भी जारी कर दिया है।

Posted By: Navodit Saktawat