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Weather Alert: इस साल उत्तर भारत में कहर ढाएगा सूरज, मौसम विभाग ने की ये भविष्यवाणी

Updated: | Wed, 03 Mar 2021 08:15 AM (IST)

नई दिल्ली Weather Alert । इस वर्ष पहाड़ी इलाकों में तेज बर्फबारी के कारण के कारण ठंड ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे, लेकिन अब लोगों को तेज गर्मी का सामना करने के लिए भी तैयार हो जाना चाहिए क्योंकि मौसम विभाग ने मई माह तक का मौसम पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस वर्ष ठंड के बाद अब गर्मी भी कहर बरपा सकती है। उत्तर व पूर्वी भारत में तेज गर्मी पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा है कि इस वर्ष गर्मियों में उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के अलावा देश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से में दिन का तापमान सामान्य से ज्‍यादा रह सकता है। मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार को मार्च से मई तक के लिए पूर्वानुमान जारी करते हुए यह बात कही है। मौसम विभाग ने कहा कि पूर्वी राज्यों छत्तीसगढ़, ओडिशा, गुजरात, तटीय महाराष्ट्र, गोवा और तटीय आंध्र प्रदेश में अधिकतम तापमान ज्यादा रहेगा। हालांकि, दक्षिण भारतीय प्रायद्वीप और उससे लगे मध्य भारत के ज्यादातर इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है।

ला नीना प्रभाव के चलते बदलेगा मौसम

मौसम विभाग का कहना है कि मध्य भारत के पूर्वी इलाकों, सुदूर उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहेगा। मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर और समुद्री सतह के तापमान पर मध्यम ला नीना प्रभाव की स्थिति है। ला नीना की स्थिति बनने से मौसम में भारी बदलाव देखने को मिल सकता है। ला नीना का संबंध प्रशांत महासागर में पानी ठंडा होने से है। गौरतलब है कि भारतीय उप महाद्वीप के मौसम पर ला नीना प्रभाव का सीधा असर पड़ता है। गौरतलब है कि देश के कई हिस्सों में फरवरी के आखिरी सप्ताह से ही दिन का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है।

जनवरी में टूट चुका है ठंड का रिकॉर्ड

गौरतलब है कि इस साल ठंड ने बीते कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जनवरी में रिकॉर्ड किया गया न्यूनतम तापमान पिछले 62 वर्षों में सबसे ज्यादा था। वहीं दक्षिण भारत में जनवरी के दौरान मौसम विशेष रूप से गर्म रहा। दक्षिण भारत में जनवरी माह में दर्ज किया गया न्यूनतम तापमान 22.33 डिग्री सेल्सियस रहा जो 121 वर्षों में सबसे गर्म था। मध्‍य भारत में भी जनवरी माह में न्यूनतम तापमान 14.82 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो बीते 38 वर्षों में सबसे गर्म रहा। मौसम विभाग का कहना है कि हिमालय के निचले इलाकों, पूर्वोत्तर भारत, मध्य भारत का पश्चिमी हिस्सा और दक्षिण भारतीय प्रायद्वीप में रात के समय न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है।

Posted By: Sandeep Chourey
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