World Polio Day 2021: 24 अक्टूबर यानी विश्व पोलियो दिवस, PM मोदी के सत्ता में आते ही पोलिया मुक्त हुआ था भारत, जानिए कई रोचक तथ्य

Updated: | Sun, 24 Oct 2021 10:36 AM (IST)

World Polio Day 2021 । विश्व नें हर साल 24 अक्टूबर को विश्व पोलियो दिवस मनाया जाता है। पोलियो बीमारी के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए इस दिन को चुना गया है। भारत के संदर्भ में बात की जाए तो साल 2014 से भारत में अभी तक एक भी पोलियो का केस सामने नहीं आया है। साल 2014 में ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया था और तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को बधाई दी थी। वहीं दूसरी ओर अब देश में कोरोना महामारी के खिलाफ भी केंद्र सरकार की मुहिम रंग लाती दिख रही है।

कोरोना महामारी के खिलाफ जंग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। देश में 100 करोड़ कोरोना वैक्सीन के डोज लगाने जाने का महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के नाम संबोधन में इसके लिए देश की जनता और स्वास्थ्य कर्मियों को आभार जतााया। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी कोरोना वैक्सीन अभियान के बीच आई महत्वपूर्ण बाधाओं का भी जिक्र किया।

भारत में पोलियो अभियान बीते कई दशक से चल रहा था और इसके खिलाफ भारत की तमाम सरकारों ने लंबी लड़ाई लड़ी लेकिन आखिरी कील ठोंकने का गौरव मोदी सरकार को मिला। साल 2014 में भारत को पोलियो मुक्त घोषित कर दिया गया था।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने खूब की थी भारत की तारीफ

WHO के कार्यकारी निदेशक डॉ. माइकल रयान ने कहा था कि भारत ने चेचक और पोलियो जैसी बीमारियों से लड़ने में भी दुनिया को रास्ता दिखाया है। डॉ. माइकल रयान ने कहा था कि चीन की तरह भारत भी एक बड़ी आबादी वाला देश है। उन्होंने कहा कि भारत ने दो गंभीर बीमारियों चेचक और पोलियो से लड़ने में भी दुनिया को रास्ता दिखाया था। आपको बता दें कि चेचक एक गंभीर बीमारी थी, जिसके कारण दुनिया के हर साल लाखों लोगों की मौत होती थी।

विश्व पोलियो दिवस का इतिहास

रोटरी इंटरनेशनल ने विश्व पोलियो दिवस मनाना शुरू किया था, जब रोटरी इंटरनेशनल ने पहली पोलियो वैक्सीन की खोज करने वाली टीम के सदस्य जोनास साल्क के जन्मदिन पर विश्व पोलियो दिवस की स्थापना की। जोनास साल्क का जन्म अक्टूबर के महीने में हुआ था। इसके लिए अक्टूबर माह में विश्व पोलियो दिवस मनाया जाता है। पहला पोलियो टीका 1955 में खोजा गया था।

हालांकि 1980 के दशक में पोलियो अधिक चर्चा में आ गया था, जब 1 लाख से ज्यादा बच्चे पोलियो संक्रमित हो चुके थे। उस समय विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पोलियो टीकाकरण की शुरुआत की थी। इसके तहत बच्चों को पोलियो से बचाने के लिए टीके और दवाएं दी जाती हैं। इस टीकाकरण के कारण आज कई देश पोलियो मुक्त हो चुके हैं।

पोलियो प्रभावित देशों की सूची से 2012 में हटा था भारत

भारत में पोलियो टीकाकरण की शुरुआत 1995 में हुई थी। जबकि 2012 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को पोलियो प्रभावित देशों की सूची से हटा दिया था। पोलियो से बचाव के लिए एक टीका उपलब्ध है, जो बच्चों को दिया जाता है। इसके साथ ही दो बूंद दवा की भी दी जाती है।

Posted By: Sandeep Chourey