Jodhpur: प्राइवेट कंपनी के कर्मियों ने ग्राहकों को लगाया 26 लाख का चूना, आधारकार्ड का किया दुरुपयोग

Updated: | Fri, 10 Sep 2021 10:34 PM (IST)

जोधपुर। एक्सल वन स्टॉप सोल्युशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने ग्राहकों के आधार कार्ड और फिंगर प्रिंट का दुरूपयोग करते हुए उनके खाते से 26 लाख की रकम उड़ा ली। कंपनी ने अपने दस कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। ये कंपनी बैंकों से कनेक्टिीविटी के जरिए लोगों को रुपए उपलब्ध करवाती है। इस कंपनी में ज्यादातर हरियाणा, बिहार व उत्तरप्रदेश के लोग कार्यरत थे। घटना को लेकर शास्त्रीनगर थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है, जिसकी जांच चल रही है।

शास्त्रीनगर थानाधिकारी पंकज राज माथुर ने बताया कि जोधपुर के आईटीआई सर्किल के पास में एक्सल वन स्टॉप सोल्युशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चलती है। कंपनी की तरफ से बैंकों से कनेक्टीविटी रखकर लोगों को पैसे उपलब्ध करवाए जाते है। इसके लिए ग्राहकों के आधार कार्ड और फ्रिंगर प्रिंट लिए जाते है। विगत कुछ दिनों में कंपनी के ग्राहकों के खातों से रकम साफ हो रही थी। बाद में पड़ताल में पता लगा कि कंपनी में काम करने वाले कार्मिक ही इस वारदात को अंजाम दे रहे हैं।

ये लोग ग्राहकों द्वारा दिए आधार कार्ड एवं फिंगर प्रिंट का दुरूपयोग कर खाते से रूपए निकाल रहे थे। दस कार्मिकों ने मिलकर साजिशपूर्ण ढंग से ग्राहकों के खातों से 26 लाख से ज्यादा की रकम निकाल ली है। किसी के खाते से 2 लाख, किसी के 13 लाख, किसी के सवा दो लाख आदि तरह की रकम साफ की गई है। कंपनी की ओर से यहां काम करने वाले हरियाणा (जिंद) के अनिल कुमार यादव सहित दस लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

गुजराती फर्म ने स्थानीय व्यापारी के रुपये हड़पे

जोधपुर शहर के कमला नेहरू नगर में द्वितीय विस्तार में रहने वाले एक एक्सपोर्टस के माल का भुगतान अब तक नहीं किए जाने से उसने गुजरात के दो लोगों पर गबन का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें उसने 10 हजार 912 डॉलर हड़पने का आरोप लगाया है। प्रतापनगर थाने में इस बाबत केस दर्ज हुआ है, जिसमें अनुसंधान हो रहा है। थानाधिकारी सोमकरण ने बताया कि मोहम्मद अकरम पुत्र मोहम्मद असलम की तरफ से दर्ज शिकायत में कहा गया है कि वह इंपोर्ट एक्सपोर्ट का काम करता है। कुछ अरसे पहले गुजरात में फर्म चलाने वाले मैसर्स हिरल ओवरसीज के संचालक नीलेश भाई को माल एक्सपोर्ट किया था। जो कि बाद में दुबई भेजा गया। जिसके बदले में 10 हजार 912 अमेरिकी डॉलर आना था। मगर उक्त व्यक्ति और एक अन्य मनसुखलाल ने मिलकर उक्त रकम को खुर्दबुर्द कर डाला।

बाद में पता लगा कि ये लोग व्यापारियों से माल मंगवाने के बाद इसी तरह रकम का गबन कर लेते हैं। कई बार ताकीद करने के बाद भी रकम नहीं दी गई। इन डॉलर की अनुमानित कीमत 7.42 लाख रूपए बताई जाती है। प्रतापनगर पुलिस ने धोखाधड़ी में केस दर्ज कर तफ्तीश आरंभ की है।

Posted By: Shailendra Kumar