बुध ग्रह का बदला नक्षत्र, फायदा पाने के लिए करें उपाय

Updated: | Sun, 05 Dec 2021 10:28 AM (IST)

Nakshatra change of Mercury । बुध ग्रह को सभी नौ ग्रहों का राजकुमार माना जाता है। ज्योतिष के मुताबिक दिसंबर का महीना ग्रहों और नक्षत्रों की दृष्टि से काफी खास माना गया है। दरअसल दिसंबर में कई बड़े ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करेंगे। 1 दिसंबर को बुध ग्रह शाम को 6.01 बजे अनुराधा नक्षत्र को छोड़कर ज्येष्ठा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष के मुताबिक 10 तारीख की सुबह 6.05 बजे तक बुध ग्रह ज्येष्ठा नक्षत्र में गोचर करेंगे।

इन कारकों के लिए जिम्मेदार है बुध ग्रह

ज्योतिष के मुताबिक सभी नौ ग्रहों में बुध ग्रह को बेहद खास माना गया है। सूर्य सभी नौ ग्रहों का राजा है और सूर्य के नजदीक होने के कारण बुध ग्रह को राजकुमार कहा गया है। बुध ग्रह को वाणी, लेखन, कानून, वाणिज्य, तर्क और त्वचा आदि का कारक है। बुध ग्रह यदि शुभ होता है तो व्यक्ति को इन क्षेत्रों में विशेष सफलता और लाभ मिलता है।

बुध के नक्षत्र परिवर्तन के दौरान फायदा पाने के लिए करें ये उपाय

यदि किसी जातक के जीवन में दाम्पत्य जीवन से सुख गायब हो गया है या दंपत्ति में आपसी सामंजस्य नहीं है तो आज ज्येष्ठा नक्षत्र के दौरान महिला को एक चुटकी सिंदूर लेना चाहिए और इसे कागज की पुड़िया में बांधकर पति के सिरहाने रखना चाहिए और सुबह उठकर उस सिंदूर को अपनी मांग में भरना चाहिए।

नौकरी पाने के लिए करें ये उपाय

यदि आपको नई नौकरी मिलने में किसी तरह की दिक्कत आ रही है तो ऐसे लोगों को ज्येष्ठा नक्षत्र के दौरान पीले नमकीन चावल बना लें। चावल में हल्दी और नमक डालकर अच्छी तरह से पकाकर मां सरस्वती को चढ़ाना चाहिए। रोजगार से संबंधित समस्या का जल्द समाधान होगा।

धन प्राप्ति के लिए जरूर करें ये उपाय

धन प्राप्ति के लिए घर में साफ जगह पर लकड़ी का पाट लगाकर उस पर साफ साफ कपड़ा बिछा दें। अब उस पर सिंदूर मिश्रित चावल लेकर एक चौकोर आसन बनाएं और उस पर गणपति जी का स्वरूप माने जाने वाले श्वेतार्क के पौधे की टहनी को रखें। इसके बाद सभी दिशाओं का ध्यान करते हुए हल्दी, चन्दन, धूप, दीप आदि से श्वेतार्क की पूजा करना चाहिए। ऐसा करने से धन प्राप्ति के योग बनते हैं।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'

Posted By: Sandeep Chourey