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Ashad Mass 2021: शुरू हुआ आषाढ़ मास, जानिए कब मनाया जाएगा रक्षा बंधन का पर्व

Updated: | Fri, 25 Jun 2021 12:12 PM (IST)

Ashad Mass 2021: आषाढ़ मास की शुरुआत 25 जून, शुक्रवार से हो गई। हिंदू धर्म में आषाढ़ के महीना का विशेष महत्व है, इस महीनें की देवशयनी एकादशी से चौमासा या चतुर्मास प्रारंभ होता है। आषाढ़ मास के बाद श्रावण मास शुरू होता है और इस मास में ही रक्षाबंधन पर्व मनाया जाता है। श्रावण मास में आने वाला रक्षाबंधन पर्व हर भाई-बहन के लिए खास होता है। वर्ष 2021 में यह पर्व अब कुछ ही दिनों बाद दस्तक देने वाला है। हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रति वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि के दिन इसे मनाया जाता है। भाई-बहन के लिए बेहद ही शुभ पर्व रक्षाबंधन पर बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध कर उसकी मंगल कामना करती है तो वहीं भाई अपनी बहन की रक्षा करने का वचन देता है। इस खास दिन पर शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। चलिए जानते हैं कि 2021 में आने वाला रक्षाबंधन पर्व का शुभ मुहूर्त कब है और कब रहेगी पूर्णिमा तिथि।

जानें तारीख, दिन और शुभ मुहूर्त

इस साल 2021 में रक्षा बंधन पूर्णिमा तिथि 21 अगस्त 03ः45 बजे से प्रारंभ हो रही है और इसका समापन 22 अगस्त को शाम 05ः58 बजे हो रहा है। वहीं अगर रक्षाबंधन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो यह सुबह 05ः50 बजे से शाम 06ः03 बजे तक यानी 12 घंटे 11 मिनट तक रहेगा। इस दिन दोपहर का समय 01ः44 बजे से 04ः23 बजे तक रहेगा। रक्षा बंधन के दिन प्रदोष काल रात्रि 08ः08 बजे से 10ः18 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12ः04 बजे से 12ः58 बजे तक रहेगा। अमृत काल का समय सुबह 09ः34 बजे से 11ः07 बजे तक रहेगा।

रक्षाबंधन के दिन अगर ब्रम्हा मुहूर्त की बात करें तो यह 04ः33 बजे से 05ः21 बजे तक रहेगा। वहीं विजय मुहूर्त दोपहर 02ः09 बजे से 03ः01 बजे तक रहेगा। गोधूलि बेला 06ः14 बजे से प्रारंभ होकर 06ः38 बजे तक रहेगा। निशिता काल रात्रि 11ः39 बजे से 39ः12 बजे यानी 23 मिनट तक ही रहेगा। भद्र काल का समय 23 अगस्त की सुबह 05ः34 बजे से प्रारंभ होकर 06ः12 बजे तक ही रहेगा।

इस शुभ मुहूर्त पर बांधे रखी

रक्षाबंधन का पवित्र त्यौहार 22 अगस्त को पड़ रहा है वहीं अगर इस दिन राखी बांधने के शुभ मुहूर्त की बात करें तो यह इस दिन पूरे 12 घंटे के लिए रहेगा। यानी आप इन 12 घंटो में से कभी भी अपने भाई को राखी बांध सकती हैं। ध्यान रहे कि भद्रकाल के समय आपको राखी नहीं बांधनी है। अगर आप शुभ मुहूर्त के समय अपने भाई को राखी बांधती हैं तो इससे आप दोनों के रिश्तों में और अधिक मिठास बढ़ेगी।

Posted By: Arvind Dubey
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