Chandra Grahan 2021: चंद्र ग्रहण के समय ये दो राशि वाले रहें सावधान, जानें ग्रहण की तिथि और समय

Updated: | Wed, 04 Aug 2021 07:00 AM (IST)

Chandra Grahan 2021: हर साल ग्रहण का लगना तय है। इस साल भी चार ग्रहण लगेंगे, जिसमें से दो ग्रहण लग चुके हैं और अब दो ग्रहण लगना बाकी है। वहीं अब साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण नवंबर माह में लगने वाला है, ज्योतिषशास्त्र के अनुसार अंतरिक्ष में लगने वाले ये ग्रहण राशियों को प्रभावित करते हैं और नवंबर माह में लगने वाला साल का अंतिम चंद्र ग्रहण भी राशियों पर असर डालने वाला है। आज हम आपसे इसी चंद्र ग्रहण के बारे में बात करने वाले हैं, जहां हम जानेंगे लगने वाले चंद्र ग्रहण की तारीख, समय, सूतक काल और किन राशियों पर पड़ेगा असर के बारे में..

कब और कितने बजे लगेगा चंद्र ग्रहण

ज्योतिषशास्त्र में ग्रहण का बहुत महत्व होता है, इसका सीधा असर मानव की कुंडली पर पड़ता है। इसे अंदेखा किया जाना कई तरह की परेशानी पैदा कर सकता है। इसलिए जरूरी है कि इन ग्रहणों के बारे में पहले ही जान लें। इस वर्ष लगने वाला दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण 19 नवंबर 2021 दिन बुधवार को लगने वाला है। इस साल कुल चार ग्रहण दस्तक दे रहे हैं, जिसमें से यह तीसरा है। इस चंद्र ग्रहण के लगने के अगर समय की बात करें तो यह दोपहर 11 बजकर 30 मिनट पर लगेगा जो भारतीय समय के अनुसार यह शाम 5 बजकर 33 मिनट पर लगेगा।

चंद्र ग्रहण का सूतक काल

इस बार जब दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है तो इस दौरान सूतक काल भी लगने वाला हैं इसलिए इसे शास्त्र के मुताबिक उपछाया ग्रहण भी कहा जा रहा है, जो भारत में नहीं दिखाई देगा। यही कारण है कि इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। लेकिन इस काल के अगर समय की बात करें तो यह चंद्र ग्रहण के शुरू होने से 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाएगा। इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्यों को नहीं किया जाता है।

चंद्र ग्रहण का इन राशियों पर पड़ेगा आसर

ज्योतिषशास्त्र की दृष्टि से इस वर्ष लगने वाले दूसरे और अंतिम चंद्र ग्रहण का सीधा असर दो राशियों पर पड़ने वाला है। ऐसे में इन दो राशियों की कुंडली पर ग्रहण की छाया प्रभाव डालेगी। तो चलिए जानते हैं कि वो कौन सी दो राशियां है, जिन पर इसका असर पड़ेगा और इस दौरान इन जातकों को क्या करना चाहिए?

वृष राशि

इस वर्ष का आखिरी और द्वितीय चंद्र ग्रहण वृष राशि पर असर डालने वाला है। ऐसे में इस राशि के समस्त जातकों को सलाह दी जाती है कि वह इस दौरान थोड़ी सतर्कता बरतें। चंद्र ग्रहण के दौरान किसी से भी वाद-विवाद न करें क्योंकि ऐसा करने से नुकसान आपका ही होगा। इस दौरान आप अपने क्रोध पर काबू रखें, वाहन चलाते समय ज्यादा सतर्क रहें हो सके तो अति आवश्यकता पड़ने पर ही वाहन का इस्तेमाल करें।। राहु का वृष राशि में गोचर हो रहा है ऐसे में वाणी पर लगाम नहीं लगाने से भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

वृश्चिक राशि

19 नवंबर 2021 को लगने वाले चंद्र ग्रहण का असर वृश्कि राशि के जातकों पर भी पड़ने वाला है। इस दिन केतु वृश्चिक राशि में विराजमान रहेंगे। इस दौरान जातक किसी भी प्रकार का अवैध कार्य न करें और न ही अपने सामने होता हुआ देखें। फिजूल का खर्च आप पर भारी पड़ सकता है इसलिए इससे भी सावधान रहें। चंद्र ग्रहण के दौरान निवेश भूल से भी न करें। गलत संगत या नशा से दूर रहने की कोशिश करें

इस वजह से ग्रहण को अशुभ माना जाता है

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक ग्रहण के दौरान कई तरह की सावधानियां बरतनी होती है। दरअसल इसका कारण अतिप्राचीन समय से है, जब समुद्र मंथन हो रहा था तो अमृत की बूंदे पीने से स्वरभानु राक्षस अमर हो गया था। जिसकी सूचना सूर्य और चंद्रमा ने भगवान विष्णु को दी। जिसके बाद विष्णु जी क्रोधित होकर अपने सुदर्शन चक्र से स्वरभानु राक्षस का सिर धड़ से अलग कर दिया। लेकिन, अमृत की कुछ बूंदे तब तक उसके गले से नीचे उतर चुकी थी जिस वजह से वह अमर हो गया। बाद में सिर वाले राहु के नाम से जबकि, धड़ वाला हिस्सा केतु के नाम से जाना जाने लगा।

सूर्य और चंद्रमा ने इसकी जानकारी भगवान विष्णु जी को दी थी इस वजह से राहु और केतु बार-बार अलग अलग समय में सूर्य और चंद्रमा पर हमला करके उन्हें कमजोर करने की कोशिश करते हैं। इसलिए कहा जाता है कि जिस समय चंद्रमा और सूर्य ग्रहण लगता है उस समय वातावरण में नकारात्मक शक्तियां पैदा होती हैं। यही कारण है इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है क्योंकि यह शुभ कार्य अशुभ में परिवर्तित होकर और भी भारी नुकसान कर सकते हैं।

Posted By: Arvind Dubey