Kanya Sankranti 2021: जानिए क्यों मनाई जाती है कन्या संक्रांति, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Updated: | Fri, 17 Sep 2021 08:25 AM (IST)

Kanya Sankranti 2021: इस साल कन्या संक्रांति 17 सितंबर को मनाई जा रही है। इस दिन सूर्य देव सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में गोचर करेंगे। शास्त्रों में संक्रांति पर पवित्र नदी में स्नान और दान को शुभ बताया गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूरज जब राशि परिवर्तन करते हैं, इसे संक्रांति कहा जाता है। ग्रहों के राजा हर महीने अपनी राशि बदलते हैं। कन्या में बुध देव पहले से विराजमान हैं। जिस कारण कन्या संक्रांति पर सूर्य और बुध आमने-सामने आएंगे। दोनों बुधादित्य योग का निर्माण करेंगे।

कन्या संक्रांति का शुभ मुहूर्त

पुण्य काल मुहूर्त - 17 सितंबर सुबह 6 बजकर 17 मिनट से दोपहर 12 बजकर 15 मिनट तक

महापुण्य काल मुहूर्त - 17 सितंबर सुबह 6 बजकर 17 मिनट से 8 बजकर 10 मिनट तक

कन्या संक्रांति पर सूर्योदय - 17 सितंबर सुबह 6 बजकर 17 मिनट

कन्या संक्रांति पर सूर्यास्त - 17 सितंबर शाम 6 बजकर 24 मिनट

कन्या संक्रांति पर पूजा विधि

सूर्यदेव की पूजा के लिए जल्द उठकर स्नान करें। फिर सूरज के दर्शन करते हुए उन्हें ऊं सूर्याय नमः कहते हुए जल चढ़ाएं। सूर्य को दिए जाने वाले जल में लाल रोली, पुष्प जरूर मिलाएं। सूरज को अर्घ्य देने के बाद लाल आसन में बैठकर सूर्य मंत्र का 108 बार जप करें। सूरज की पूजा-अर्चना करने से सभी इच्छाएं पूर्ण होती है। सुख-समृद्धि में वृद्धि और सेहत अच्छी होती है। सूर्य के आर्शीवाद से शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है।

कन्या राशि पर क्या होगा प्रभाव

कन्या राशिवालों के मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी। नौकरीपेश वर्ग को प्रमोशन मिल सकता है। इस अवधि में शुभ समाचार मिल सकता है। नई नौकरी की तलाश करे जातकों की इच्छा पूरी हो सकती है।

Posted By: Shailendra Kumar