Karwa Chauth 2021: इस साल कब पड़ेगा करवाचौथ, क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत खोलने का समय

Updated: | Fri, 24 Sep 2021 05:05 PM (IST)

Karwa chauth 2021: हिंदू धर्म में करवाचौथ का त्योहार बहुत ज्यादा अहमियत रखता है। इस दिन सुहागिन स्त्रियां अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। रात में चंद्रमा के दर्शन होने के बाद व्रत खोला जाता है और पति अपने हाथों से पानी पिलाकर पत्नी का व्रत खोलते हैं। शास्त्रों के मुताबिक, करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर रखा जाता है। करवाचौथ के दिन सुहागिन स्त्रियां सूर्योदय से पहले स्नान करती हैं और सरगी ग्रहण करती हैं। यह सरगी उनकी सास भेजती हैं। इसके बाद स्त्रियों को पूरे दिन निर्जला व्रत रखना होता है।

पूरे दिन निर्जला व्रत रहने के बाद स्त्रियां चांद के दर्शन का इंतजार करती हैं और चांद दिखने पर उसे अर्घ्य देकर अपने व्रत का पारण करती हैं। शाम को पूजा करने के बाद महिलाएं साथ बैठकर व्रत कथा का पाठ भी करती हैं। इस तिथि को संकष्टी चतुर्थी और करक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। करवा या करक का अर्थ होता है घड़ा। इसी घड़ें से चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है।

करवा चौथ का शुभ मुहूर्त

24 अक्टूबर 2021 को रविवार के दिन सुबह 3 बजकर 1 मिनट से चतुर्थी तिथि शुरू होगी और 25 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 43 मिनट पर चुतर्थी तिथि समाप्त होगी। इस दौरान 24 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 43 मिनट से लेकर 6 बजकर 59 मिनट तक करवाचौथ पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। इसके बाद रात 8 बजकर 7 मिनट पर चांद के दर्शन होंगे और सुहागिन स्त्रियां अपने व्रत का पारण कर सकेंगी।

करवा चौथ का महत्व

मान्यता के अनुसार प्राचीन काल में पुरुष व्यापार या युद्ध के लिए अपने घर से बाहर जाते थे और कई महीनों या सालों बाद लौटते थे। इस दौरान महिलाएं घर पर रहकर अपने पतियों के लिए विशेष पूजा करती थीं। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से पहले उठती हैं और करवा माता, भगवान शिव, गणेश और कार्तिकेय की पूजा करने के बाद व्रत का संकल्प लेती हैं। इस दिन व्रत करने वाली महिलाओं को कई नियमों का पालन सख्ती से करना होता है। करवा चौथ पर मंगलसूत्र का विशेष महत्व होता है। कहा जाता है मंगलसूत्र पति की रक्षा करता है और उन पर आने वाले सभी संकटों को दूर करता है।

Posted By: Shailendra Kumar