IPL 2021 Final : चेन्‍नई के खिलाफ कोलकाता के लिए बल्ला चलाएंगे इंदौर वेंकटेश अय्यर, मैदानी अंपायर नितिन मेनन

Updated: | Thu, 14 Oct 2021 08:50 PM (IST)

कपीश दुबे, इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग आइपीएल का खिताबी मुकाबला आज चेन्न्ई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइटराइडर्स के बीच दुबई में खेला जाएगा। इस मुकाबले में दो इंदौरी चेहरे मैदान पर नजर आएंगे। शहर के वेंकटेश अय्यर कोलकाता के लिए बल्ला चलाएंगे। यह उनका पहला आइपीएल फाइनल हैं। वही बतौर मैदानी अंपायर नितिन मेनन मौजूद होंगी। यह नितिन का रिकार्ड लगातार तीसरा आइपीएल है। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वे देश के एकमात्र अंपायर हैं। कोलकाता ने वेंकटेश की तूफानी बल्लेबाजी के सहारे ही फाइनल में कदम रखा है। लीग के पहले चरण में वेंकटेश को एक भी मैच नहीं खिलाया गया था। तब टीम सात में से सिर्फ दो मैच जीती और पांच हारी थी। तब प्लेआफ में ही पहुंचना मुश्किल था। मगर दूसरे चरण में वेंकटेश की बल्लेबाजी से प्रदर्शन बिल्कुल बदल गया और टीम ने सात में से पांच मैच जीत प्ले आफ में जगह बनाई। दूसरे क्वालिफायर में भी मैन आफ द मैच वेंकटेश की 41 गेंदों पर 55 रनों की पारी से टीम फाइनल में पहुंची।

नितिन बनाएंगे अनोखा रिकार्ड :

आइसीसी के एलीट पैनल में शामिल देश के एकमात्र अंपायर इंदौर के नितिन मेनन का बतौर अंपायर यह लगातार तीसरा आइपीएल फाइनल होगा। उनसे पहले किसी अंपायर ने यह उपलब्धि हासिल नहीं की। अब तक नितिन के अलावा भारत के एस. रवि ही दो आइपीएल फाइनल में अंपायरिंग कर सके हैं। सबसे ज्यादा पांच फाइनल में अंपायरिंग का रिकार्ड साइमन टफैल के नाम है। दुबई से नईदुनिया से खास चर्चा में नितिन ने कहा- फाइनल को लेकर कोई दबाव नहीं है। यह भी अन्य मैचों की तरह है। इसके पहले दो बार आइपीएल फाइनल करने का अनुभव काम आएगा। पिछले साल भी यहीं पर फाइनल में अंपायरिंग की थी।

इसके अलावा इन दोनों टीमों के मैचों में भी अंपायरिंग कर चुका हूं। भारत और दुबई में अंपायरिंग में अंतर के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा- यहां गर्मी बहुत होती है, जिससे थोड़ी असहजता होती है। हालांकि हम पूरा ध्यान अपने काम पर देते हैं। उल्लेखनीय है कि नितिन आगामी टी-20 विश्व कप में भारत के एकमात्र अंपायर हैं। वे इसके पहले वर्ष 2019 में हैदराबाद में और वर्ष 2020 में दुबई में फाइनल में सेवाएं दे चुके हैं। उनके पिता नरेंद्र मेनन भी अंतरराष्ट्रीय अंपायर रह चुके हैं।

Posted By: Navodit Saktawat