एपल और सैमसंग भारत में बनाएंगी 37,000 करोड़ रुपए लागत के फोन

पीएलआइ योजना के तहत कंपनियों को पांच वर्षों में लगभग 39,000 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा।

Updated: | Tue, 18 Jan 2022 10:23 PM (IST)

एपल और सैमसंग वित्त वर्ष 2021-22 में सरकार की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआइ) के तहत लगभग पांच अरब डालर (37,000 करोड़ रुपये) के स्मार्टफोन बनाएंगी। यह केंद्र द्वारा निर्धारित लक्ष्य से 50 प्रतिशत अधिक है। सूत्रों के मुताबिक भारत में बनने वाले पांच अरब डालर मूल्य के स्मार्टफोन में से लगभग दो अरब डालर के स्मार्टफोन निर्यात किए जाएंगे। पीएलआइ योजना के तहत कंपनियों को पांच वर्षों में लगभग 39,000 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। योजना का उद्देश्य भारत को मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाना है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले साल बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रानिक्स मैन्यूफैक्चरिंग के लिए पीएलआइ योजना को 2025-26 तक बढ़ा दिया था। हालांकि आधार वर्ष 2019-20 ही रखा गया है। इंडिया सेल्यूलर एंड इलेक्ट्रानिक्स एसोसिएशन (आइसीईए) के चेयरमैन पंकज मोहिंद्रू ने बताया कि एपल के लिए फोन निर्माता कंपनियां विस्ट्रान व पेगाट्रान समेत सैमसंग चालू वित्त वर्ष में पांच अरब डालर के उत्पादन का लक्ष्य हासिल कर लेंगी।

योजना का मुख्य उद्देश्य देश में ही बड़े पैमाने पर मोबाइल फोन का निर्माण किया जाना है। एपल और सैमसंग मेड इन इंडिया स्मार्टफोन का निर्यात भी कर रहे हैं। वर्ष 2021 में एपल ने ब्रिटेन को 27, जापान को 24, नीदरलैंड्स को 23, जर्मनी को सात, इटली और तुर्की को चार-चार और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को दो प्रतिशत आइफोन का निर्यात किया। सैमसंग ने जिन देशों को मेड इन इंडिया फोन का निर्यात किया है, उसमें यूएई को 47, रूस को 12, दक्षिण अफ्रीका को सात, जर्मनी को पांच, मोरक्को को चार और ब्रिटेन को तीन प्रतिशत मोबाइल फोन का निर्यात किया।

Posted By: Navodit Saktawat