HamburgerMenuButton

Happy Womens Day 2021: अपने सब फर्ज निभाती है, तभी तो नारी कहलाती है...खास अंदाज में दीजिए महिला दिवस की बधाई

Updated: | Mon, 08 Mar 2021 02:09 PM (IST)

Happy Women's Day 2021: 8 मार्च को देश-दुनिया में महिला दिवस मनाया जा रहा है। आज महिलाओं का सम्मान किया जा रहा है और समाज में उनके योगदान को याद किया जा रहा है। यूं तो भारती संस्कृति में शूरू से नारी के सम्मान की बात कही है, वहीं आज के दौरा में इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए कमान महिलाओं के हाथ सौंपी जा रही है। कई दफ्तर ऐसे हैं जहां आज बॉस के रूप में महिलाएं काम करेंगी। दिल्ली और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में सुरक्षा का पूजा जिम्मा महिलाओं के हाथ है। वहीं इंटरनेट मीडिया के दौर में Wishes, Images, greetings, photos, quotes, Whatsapp, Facebook and Instagram Status के जरिए बधाई दी जा रही है। यहां पेश है ऐसे ही संदेश जिन्हें शेयर कर आप भी कह सकते हैं Happy Women's Day 2021

'स्त्रियों की मान हानि साक्षात लक्ष्मी और सरस्वती की मान हानि है।' - सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

Happy International Women's Day 2021

-------------

नारी! तुम केवल श्रद्धा हो, विश्वास-रजत-नग पगतल में।

पीयूष-स्रोत सी बहा करो, जीवन के सुंदर समतल में।।

- जयशंकर प्रसाद

-----------------

जब आप एक आदमी को शिक्षित करते हैं तब सिर्फ एक आदमी शिक्षित होता है,

लेकिन जब आप एक स्त्री को शिक्षित करते हैं तब एक पीढ़ी शिक्षित होती है।

Happy International Women's Day 2021

------------------

दुनिया है औरत से सारी

गुलामी फिर भी सही है

इनके लिए है जीना एक सजा

अपनों के लिए जीती हैं।

- महिला दिवस मुबारक हो।

------------------

‘नारी दिवस' बस एक दिवस क्यों नारी के नाम मनाना है,

हर दिन, हर पल, नारी उत्तम मानो, यह नया जमाना है।

Happy International Women's Day 2021

--------------------

मुस्कराकर, दर्द भुलाकर

रिश्तों में बंद थी दुनिया सारी

हर पग को रोशन करने वाली

वो शक्ति है एक नारी

Happy International Women's Day

------------------

कोई भी देश यश के शिखर पर तब तक नहीं पहुंच सकता

जब तक उसकी महिलाएं कंधे से कन्धा मिला कर ना चलें।

-------------------

दिलों में बस जाए वो मोहब्बत हूं,

कभी बहिन, कभी ममता की मूरत हूं।

मेरे आंचल में हैं चांद सितारे,

मां के कदमों में बसी एक जन्नत हूं।

Happy International Women's Day 2021

----------------

मैं अबला नादान नहीं हूं।

दबी हुई पहचान नहीं हूं।

मैं स्वाभिमान से जीती हूं।

रखती अंदर ख़ुद्दारी हूं।

मैं आधुनिक नारी हूं।

Happy International Women's Day 2021

---------------

कुछ माँगा नहीं,कुछ चाहा नहीं,

बदला बस खुद को,कि रिश्ता टूट ना जाये कहीं।

आदतों को बदला,चाहतों को बदला,

भले मेरे अरमानों ने,अपनी करवट को बदला।

समन्दर की एक बूंद बन जाऊं भले,

बस समन्दर में मेरा अस्तित्व तो रहें।

धूल का एक कण भी में बन ना सकी,

मेरे त्याग की ओझल हो गई छबि।

Happy International Women's Day 2021

-----------------

दिलों में बस जाए वो मोहब्बत हूँ, कभी बहिन, कभी ममता की मूरत हूँ। मेरे आँचल में हैं से चाँद सितारे, माँ के क़दमों में बसी एक जन्नत हूँ। हर दर्द-ओ-ग़म को छुपा लिया सीने में, लब पे ना आये कभी वो हसरत हूँ। मेरे होने से ही है यह कायनात जवान, ज़िन्दगी की बेहद हसीं हकीकत हूँ। हर रूप रंग में ढल कर सवर जाऊं, सब्र की मिसाल, हर रिश्ते की ताकत हूँ। अपने हौसले से तक़दीर को बदल दूँ, सुन ले ऐ दुनिया, हाँ मैं औरत हूँ..

...............

दिन की रोशनी ख्वाबों को बनाने मे गुजर गई,

रात की नींद बच्चे को सुलाने मे गुजर गई,

जिस घर मे मेरे नाम की तखती भी नहीं,

सारी उमर उस घर को सजाने मे गुजर गई।

----------------

री दिवस बस एक दिवस

क्यों नारी के नाम मनाना है

हर दिन हर पल नारी उत्तम

मानो , यह न्या ज़माना है

*****

जिसने बस त्याग ही त्याग किए

जो बस दूसरों के लिए जिए

फिर क्यों उसको धिक्कार दो

उसे जीने का अधिकार दो

*****

क्यों त्याग करे नारी केवल

क्यों नर दिखलाए झूठा बल

नारी जो जिद्द पर आ जाए

अबला से चण्डी बन जाए

उस पर न करो कोई अत्याचार

तो सुखी रहेगा घर-परिवार

*****

मुस्कुराकर, दर्द भूलकर

रिश्तों में बंद थी दुनिया सारी

हर पग को रोशन करने वाली

वो शक्ति है एक नारी

*****

नर सम अधिकारिणी है नारी

वो भी जीने की अधिकारी

कुछ उसके भी अपने सपने

क्यों रौंदें उन्हें उसके अपने

*****

नारी सीता नारी काली

नारी ही प्रेम करने वाली

नारी कोमल नारी कठोर

नारी बिन नर का कहां छोर

*****

नारी ही शक्ति है नर की

नारी ही है शोभा घर की

जो उसे उचित सम्मान मिले

घर में खुशियों के फूल खिलें

*****

आंचल में ममता लिए हुए

नैनों से आंसु पिए हुए

सौंप दे जो पूरा जीवन

फिर क्यों आहत हो उसका मन

*****

बेटी-बहु कभी माँ बनकर

सबके ही सुख-दुख को सहकर

अपने सब फर्ज़ निभाती है

तभी तो नारी कहलाती है।

Posted By: Arvind Dubey
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.