5 से 11 साल के बच्चों के लिए सुरक्षित है Pfizer की वैक्सीन, क्‍लीनिकल ट्रायल के नतीजों में दावा

Updated: | Mon, 20 Sep 2021 06:53 PM (IST)

Pfizer और BioNTech ने कहा है कि क्‍लीनिकल ट्रायल रिजल्‍ट से पता चला है कि उनका कोरोना वैक्‍सीन पांच से 11 साल तक के बच्‍चों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है और इससे बच्‍चों में इम्‍युनिटी बढ़ी है. कंपनियों ने कहा कि वे जल्‍द ही वैक्‍सीन के लिए मंजूरी की मांग नियामक संस्‍था के समक्ष करेंगे. कंपनी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि 12 वर्ष या इससे अधिक उम्र की तुलना में इस वैक्‍सीन की अपेक्षाकृत कम डोज बच्‍चों को दी जाएगी. कंपनी ने कहा है कि वे यूरोपीय यूनियन, अमेरिका और विश्‍व में अपना डाटा जल्‍द से जल्द नियामक संस्‍था के सामने पेश करेंगे.

गौरतलब है कि Pfizer और Moderna पहले से ही दुनियाभर के देशों 12 वर्ष से अधिक उम्र के किशारों और वयस्‍कों को लगाए जा रहे हैं. हालांकि बच्‍चों में गंभीर कोविड का बेहद कम जोखिम माना जाता है लेकिन हाल के समय में कोरोनावायरस के अत्‍यधिक संक्रामक डेल्‍टा वेरिएंट ने चिंताएं बढ़ाई हैं. बच्‍चों के टीकाकरण को स्‍कूलों को खोलने और इनमें महामारी को नियंत्रित करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है. Pfizer के सीईओ अल्‍बर्ट बोर्ला ने कहा, 'हम इस युवा आबादी के लिए वैक्‍सीन के संरक्षण का दायरा बनाने के लिए बेताब है. जुलाई माह से बच्‍चों में कोविड-19 के केसों में करीब 240 फीसदी का इजाफा हुआ है. '

कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) की कंपनी फाइजर और बायोएनटेक (Pfizer and BioNTech) ने सोमवार को कहा कि कुछ परिक्षणों से पता चला है कि उनका कोरोनावायरस वैक्सीन सुरक्षित है और पांच से 11 साल की उम्र के बच्चों में एक मजबूत इम्यूनिटी बनाता है. अमेरिकी दिग्गज फाइजर और उसके जर्मन साथी ने एक संयुक्त बयान में कहा, “पांच से 11 साल की उम्र के प्रतिभागियों में, टीका सुरक्षित था, उनके शरीर ने टीकों को अच्छी तरह से सहन किया और उनके शरीर में मजबूत एंटीबॉडी प्रतिक्रिया भी पाई गई.”

दरअसल फाइजर और मॉडर्ना दोनों जैब्स पहले से ही दुनिया भर के देशों में 12 साल से ज्यादा उम्र के किशोरों और वयस्कों को दिए जा रहे हैं हालांकि माना जाता है कि बच्चे के शरीर में किसी तरह की बीमारी नहीं होने के कारण उन्हें कोरोना का खतरा कम होता है. और इम्यूनिटी अच्छी होती है. लेकिन चिंताएं हैं कि अत्यधिक संक्रामक डेल्टा संस्करण अधिक गंभीर मामलों को जन्म दे सकता है.

दूसरी तरफ देश में पिछले पांच दिनों से 30 हजार से ज्यादा कोरोना के मामलों ने एक बार फिर से लोगों की चिंता बढ़ा दी है. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 30,256 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 295 लोगों की मौत हो गई.

Posted By: Shailendra Kumar