आलीराजपुर/उदयगढ़। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत जननायक टंट्या भील की जन्मस्थली बड़ौदा अहीर (खंडवा) से शुरू हुई क्रांति सूर्य गौरव कलश यात्रा बुधवार को जिले में पहुंची। झाबुआ जिले के राणापुर से होती हुई यात्रा ने ग्राम जाम्बुखेड़ा से जिले में प्रवेश किया। यहां प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों ने भव्य स्वागत किया। उदयगढ़ बस स्टैंड चौक पर आयोजित जनसभा में टंट्या मामा के जीवन चरित्र से जन सामान्य को अवगत कराते हुए उन्हें श्रद्घांजलि अर्पित की गई।

भाजपा जिलाध्यक्ष वकील सिंह ठकराला ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने यात्रा के आयोजन और मध्य प्रदेश सरकार की सोच को उद्घाटित करते हुए कहा कि जनजातीय समाज के अनेक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की शहादत को भुला दिया गया, क्योंकि इतिहास ही गलत पढ़ाया गया था। अब मध्यप्रदेश सरकार उस गलती को सुधारेगी।

अंग्रेज और अन्याय के खिलाफ आजीवन लड़े टंट्या मामा

टंट्या मामा की बहादुरी का संस्मरण सुनाते हुए पूर्व विधायक माधोसिंह डावर ने कहा कि पराधीन भारत में टंट्या मामा से भारत पर राज कर रहे अंग्रेज नहीं बल्कि इंग्लैंड तक के अंग्रेज कांपते थे। टंट्या मामा अंग्रेज, सूदखोर और अन्याय के खिलाफ आजीवन लड़े। टंट्या मामा को पकड़ने के लिए अंग्रेजों ने कई टीम बर्नाइं। जंगलों के रास्ते से भलीभांति परिचित टंट्या मामा अंग्रेजों के हाथ नहीं आते लेकिन एक गद्दार के कारण वह पकड़े गए। अंग्रेजों ने जबलपुर जेल में उन्हें फांसी दे दी और उनका शव पातालपानी में लाकर फेंक दिया। पातालपानी उनकी कर्मस्थली थी, जहां वह अंग्रेजों के माल को लूट कर गरीबों में बांट दिया करते थे। गरीबों के मसीहा के रूप में वह आज भी वहां विख्यात होकर पूजे जाते हैं।

कांग्रेस ने आजादी का इतिहास गलत पढ़ाया

भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक कलसिंह भाबर ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि काग्रेस ने आजादी की लड़ाई का गलत इतिहास पढ़ाया। उन्होंने कुछ ही लोगों को आजादी का श्रेय दिया जबकि बिरसा मुंडा, टंट्या मामा, रघुनाथ शाह और तात्या तोपे जैसे कई क्रांतिकारी छूट गए, जिनका आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान रहा। यात्रा संयोजक कलसिंह भाबर ने पातालपानी में मूर्ति स्थापना अवसर के लिए सभी को आमंत्रित करते हुए कहा कि भाजपा खोए हुए गौरव को पुनर्स्थापित करेगी।

देर शाम जिला मुख्यालय पहुंची यात्रा, सैकड़ों लोगों ने किया स्वागत

देर शाम गौरव यात्रा जिला मुख्यालय पर पहुंची। यहां दाहोद नाका चौराहा पर सभा हुई। सैकड़ों लोगों ने भव्य स्वागत किया। कई आदिवासी समाजजन यहां पारंपरिक वेशभूषा में जननायक की यात्रा का स्वागत करने के लिए पहुंचे। इससे पहले दिनभर सैकड़ों की तादाद में लोग टंट्या मामा प्रतिमा स्थल पर पहुंचे और जननायक को नमन किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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