अशोक हिंदुस्तानी, बड़ी खट्टाली। सरकारी तंत्र की लापरवाही किस कदर एक आम इंसान के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है, ऐसा ही एक उदाहरण यहां सामने आया है। यहां एक जीवित व्यक्ति को दस्तावेज में मृत घोषित कर दिया गया। इस कारण उसे शासकीय योजनाओं के लाभ से वचित होना पड़ रहा है। पंचायत से लेकर सरकारी दफ्तर के कई चक्‍कर लगाने के बाद भी एक जीवित व्यक्ति को उसका हक सिर्फ इसलिए नहीं मिल पा रहा क्योंकि वह दस्तावेज में मृत घोषित हो चुका है।

यह कहानी है ग्राम पलासदा के कनासिया फलिया के रहने वाले केसरसिंह पिता भुरला की। दरअसल करीब तीन साल पहले गांव के ही एक अन्य क्षेत्र जमरा फलिया के केसरसिंह पिता रामसिंह की मौत हो गई थी। तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव ने उक्त केसरसिंह का मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करने के बाद समग्र आइडी में भी तब्दीली की।

इसमें गलती से कनासिया फलिया के जीवित केसरसिंह को मृत दर्ज कर दिया। इस लापरवाही का खामियाजा केसरसिंह को अब तक भुगतना पड़ रहा है। केसरसिंह बताते हैं कि समग्र आइडी में मेरी मृत्यु बता दी गई, इस कारण न तो राशन मिल रहा है और न ही किसान सम्मान निधि। पीएम आवास योजना के तहत आवास भी मंजूर हो चुका है, मगर ग्राम पंचायत दस्तावेज में मृत दर्ज होने के कारण राशि जारी नहीं कर पा रही।

आखिर कितने चक्कर लगाएं, कैसे साबित करूं मैं जीवित

केसरसिंह बताते हैं कि खुद को जीवित साबित करने के लिए ग्राम पंचायत से लेकर जनपद पंचायत कार्यालय के कई चक्‍कर लगा चुका हूं। कहीं पर भी सुनवाई नहीं हो रही। सरपंच के साथ भी जनपद कार्यालय गया और बताया कि मैं जिंदा हूं। हालांकि अफसर सिर्फ दस्तावेज में सुधार करने की बात कहकर मामला टाल रहे हैं। अब किस तरह यह साबित करूं कि मैं जिंदा हूं। गांव के भेरूसिंह, दिलीपसिंह आदि कहते हैं कि गांव के दूसरे फलिया के केसरसिंह की मौत हुई थी। दस्तावेज में गलती से दूसरे को मृत बता दिया गया। इस परेशानी के कारण जीवित होने के बाद भी केसरसिंह कई योजनाओं के लाभ से वंचित हो गया है।

समग्र आइडी में वह मृत दर्ज है

हां यह सही है कि तत्कालीन सचिव ने दस्तावेज में त्रुटि की। इस कारण जीवित केसरसिंह को योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा। उसे लेकर कई बार जनपद पंचायत के चक्कर लगा चुके हैं, वहां भी सुनवाई नहीं हो रही। केसरसिंह के नाम पीएम आवास स्वीकृत है, मगर राशि किस तरह जारी करें। क्योंकि समग्र आइडी में वह मृत दर्ज है।

दिलीप कनेश, सरपंच, ग्राम पंचायत पलासदा

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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