आलीराजपुर/चंद्रशेखर आजादनगर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नगर के आसपास की ढाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र की पहाड़ियां जो दो साल पहले तक बंजर नजर आती थीं, वहां अब हरियाली छाई है। इन पर अब घना वन क्षेत्र नजर आने लगा है। यह संभव हुआ है हरियाली के लिए किए गए निरंतर प्रयासों से। वन विभाग ने यहां दो रोपण वर्ष में विभिन्न प्रजाति के करीब दो लाख पौधे रोपे। इसके बाद इनकी देखरेख की जिम्मेदारी भी उठाई। बेहतर प्रयासों से पौधे अब लहलहाने लगे हैं। यहां की हरीतिमा देखते ही बनती है। लोग यहां अब तफरीह के लिए आने लगे हैं।

वन परिक्षेत्र अधिकारी संदीप रावत ने बताया कि क्षेत्र की पहाड़ियों पर पौधारोपण की योजना बनाई गई थी। यहां ढाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र में करीब दो लाख पौधे लगाए गए। सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग भी कराई गई। रोपण वर्ष 2021 में छोटा भावटा, भूरा घाटा बीट में करीब 80 हजार पौधे लगाए गए। इसके पहले वर्ष 2020 में कदवाल, आजादनगर बीट में रोपण किया गया था। पौधारोपण से यहां वनभूमि हरियाली से आच्छादित हो गई है।

ग्रामीणों को मिली 1.15 लाख की सूखी घास

वन क्षेत्र बढ़ने से ग्रामीणों को यहां सूखी घास भी मिलने लगी है। वन विभाग के अनुसार इस वर्ष ग्रामीणों को यहां से करीब 1.15 लाख रुपये की सूखी घास मिली है। ग्राम बड़गांव के किसान नवलसिंह और रतनसिंह ने बताया कि वन भूमि विकसित होने से अब हमें यहां चारा मिलने लगा है। इससे पहले अपने मवेशियों के लिए चारा खरीदना पड़ रहा था। बड़ा भावटा के किसान भंगड़िया भाई और ईडा ने बताया कि पहले चारे के लिए समय और पैसा खर्च करना पड़ रहा था। अब स्थानीय स्तर पर ही निश्शुल्क चारा मिल रहा है।

तेंदुए और लक्कड़बग्घे आए नजर

स्थानीय लोगों के अनुसार पहले बंजर क्षेत्र में वन्य जीवों की हलचल न के बराबर थी। अब यहां वन विकसित होने से वन्य जीवों की हलचल भी नजर आने लगी है। बीते समय में यहां तेंदुए और लक्कड़बग्घे भी नजर आए हैं। नीलगायों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। रेंजर रावत ने बताया कि बंजर पहाड़ियों पर बड़ी संख्या में हो रहे पौधों के रोपण से आजादनगर क्षेत्र का भूजल स्तर बढ़ने में मदद मिल रही है।

रोपण वर्ष में 20 लाख रुपये किए खर्च

विभाग के अनुसार पौधों की देखभाल विभाग करीब 10 साल तक करेगा। पौधों की सुरक्षा के लिए की गई तार फेंसिंग में इस रोपण वर्ष में करीब 20 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। ढाई लाख हेक्टेयर वन भूमि में बड़ी मात्रा में बांस, महुआ, सागवान, आंवला एवं इमली के पौधों का रोपण किया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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