Madhya Pradesh News: आलीराजपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। लगातार रहवासी क्षेत्रों में आतंक मचा रहे दो तेंदुओं को आखिरकार वन विभाग के अमले ने पकड़ लिया है। पिछले दिनों तेंदुए 15 दिन के मासूम सहित दो लोगों की जान ले चुके हैं। राला मंडल इंदौर से आई रेस्क्यू टीम ने पिंजरे लगाकर दोनों को पकड़ा और कट्ठीवाड़ा के जंगल में छोड़ा गया है।

बता दें कि तीन अगस्त को जोबट वन परिक्षेत्र के अंतर्गत गांव पहाड़वा के किसान 45 वर्षीय सुमारिया कनेश को तेंदुए ने बुरी तरह घायल कर उसकी गर्दन को दबोच लिया था। उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी, लेकिन वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने में सक्रियता नही दिखाई।

इसके चलते तेंदुए ने 23 अगस्त को उदयगढ़ विकासखंड के ग्राम छोटी झिरी में जब थानसिंह अपने परिवार के साथ घर में सोया था, अचानक तेंदुआ सीमेंट के पतरे की छत को तोड़कर अंदर घुसा और थानसिंह, पत्नी और एक 15 दिन के बधो पर हमला कर कर दिया।

शोर सुनकर जब गांव वाले आए तो तेंदुआ वहां से भाग गया। ग्रामवासी तीनों को जोबट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए। घायल दंपती को जिला अस्पताल में रेफर कर दिया गया, वहीं बच्‍चे की जोबट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही मौत हो गई थी। क्षेत्र में दहशत के चलते शाम ढलने के बाद ग्रामीण घर से निकलने से बच रहे थे। अब ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

एक की उम्र डेढ़ साल, दूसरे की पांच से छह वर्ष

राला मंडल की टीम को रेस्क्यू के लिए बुलाया गया। गांव छोटी झिरी के पास वन परिक्षेत्र के पानगोला बीट के कक्ष क्रमांक 54 के जंगल में अलग-अलग दो जगह पिंजरे लगाए गए। बुधवार रात दोनों तेंदुए पिंजरों में कैद हो गए। वन विभाग के अनुसार पकड़े गए तेंदुए में से एक की उम्र एक से डेढ़ वर्ष एवं दूसरे की पांच से छह वर्ष बताई है। एक नर तथा दूसरा मादा है। इन्हेंे काछला बीट के कक्ष क्रमांक 491 वन परिक्षेत्र कठ्ठीवाड़ा के जंगल में छोड़ दिया गया है ।

इनका कहना है

ग्रामवासियों के अनुसार तीन तेंदुओं को रहवासी क्षेत्र में घूमते हुए देखा गया है, इसलिए विभाग की टीम सर्चिंग कर रही है।

-मंगलसिंह चौहान, एसडीओ, वन विभाग

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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