आलीराजपुर। अगर किसी शासकीय सेवक ने कोविड से बचाव के लिए वैक्सीन की दोनों डोज नहीं लगवाई हैं तो वेतन रुक सकता है। कलेक्टर ने महामारी की नई लहर की आशंका को देखते हुए इस संबंध में आदेश जारी किया है। साथ ही शासकीय उचित मूल्य दुकान से राशन लेने के लिए भी कार्ड धारक तथा परिवार के सभी पात्र सदस्यों को कोविड की दोनों लगाना जरूरी किया गया है।

कलेक्टर ने आदेश में कहा है कि कार्यालय प्रमुख अथवा विभागाध्यक्ष ऐसे शासकीय सेवकों के नाम सूचीबद्घ करें, जिन्होंने टीके की दोनों डोज नहीं लगवाई है। दोनों डोज लगने का प्रमाणीकरण प्रस्तुत करने के बाद ही ऐसे लोक सेवकों को वेतन आहरित किया जाएगा। शासकीय उचित मूल्य दुकान से राशन लेने वाले हर परिवार के सभी पात्र व्यक्तियों का टीकाकरण भी सुनिश्चित कराया जाए। सभी प्रतिष्ठानों पर भी ग्राहक अनिवार्य रूप से कोविड गाइडलाइन का पालन करें, अन्य संचालक पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आदेश में कहा गया है कि सभी स्कूल, कालेज व होस्टल आदि के प्रमुख व संचालक यह सुनिश्चित करें कि सभी स्टाफ सदस्य व 18 साल से अधिक उम्र के विद्यार्थियों को टीके की दोनों डोज लगाई जाएं। साथ ही जिले में अन्य राज्य से आने वाले लोगों की कोरोना की रेंडम जांच भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाए। कलेक्टर ने समस्त नगरीय निकाय, पुलिस, प्रशासन व ग्राम पंचायतों को यह निर्देश दिए हैं कि कोविड अनुरूप व्यवहार अपनाने के लिए लोगों को निरंतर जागरूक करें तथा रोको-टोको अभियान चलाएं।

शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते, वे भविष्य की पीढ़ी को गढ़ते हैं

उदयगढ़। शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते। शिक्षक भविष्य की पीढ़ी को गढते हैं। बधाों की नीव को मजबूत बनाकर उन्हें काबिल बनाते हैं। वह बधो आजीवन शिक्षक का सम्मान करते हैं। इसलिए शिक्षक कभी भी सेवानिवृत्त नहीं होते।

उक्त उद्बोधन खंड शिक्षा अधिकारी गिरधर ठाकरे ने स्थानीय कन्या प्राथमिक शाला की सहायक शिक्षक शीला मंडलोई की सेवानिवृत्ति पर आयोजित सम्मान समारोह में प्रकट किए। उत्कृष्ट उमावि प्राचार्य आयशा कुरैशी ने श्रीमती मंडलोई को शाल श्रीफल भेंट करते हुए उनके आगामी स्वस्थ, खुशहाल जीवन की कामना की। साथी शिक्षकों ने पुष्पगुच्छ एवं अन्य स्मृति चिन्ह भेंट कर अच्छे कार्य, व्यवहार पर प्रकाश डालते हुए अभिनंदन किया। इस अवसर पर बधाों ने भी शिक्षिका का सम्मान किया और स्कूल परिसर में पौधारोपण कर अवसर को यादगार बनाया। श्रीमती मंडलोई ने कहा कि मैं आजीवन बधाों और सहकर्मियों के सहयोग और इस सम्मान को याद रखूंगी। यही मेरे जीवन की जमा पूंजी है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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