अनूपपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय के दो छात्रों के बीच 23 नवंबर को झगड़ा हुआ था। इस मामले की जांच के लिए अमरकंटक थाने के दो पुलिसकर्मी रविवार को गुरु गोविंद बालक छात्रावास पहुंचे। पुलिस को देखकर छात्र नाराज हो गए और पुलिस कर्मियों को ही बंधक बना लिया। पुलिस कर्मियों को माफीनामा देना पड़ा। तब छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर से बाहर जाने दिया।

विश्वविद्यालय के गुरु गोविंद बालक छात्रावास में रहने वाले एक छात्र ने मारपीट की थी। शिकायत के मामले पर पीड़ित के बयान कथन देने और आरोप लगाए व्यक्ति के बारे में जानकारी लेने पहुंची थी। अमरकंटक पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस रविवार को छात्र से पूछताछ करने के लिए विश्वविद्यालय के छात्रावास पहुंची थी जहां छात्रावास के छात्रों ने पुलिस को देखा तो घेर लिया। विश्वविद्यालय प्रबंधन के बिना अनुमति के आने पर पुलिस से बहस होने लगी। इसके बाद छात्रों के दबाव में आकर पुलिस दल के साथ आए सब इंस्पेक्टर बीएल गौलिया ने इसे अपनी भूल मानते हुए छात्रों से लिखित माफी मांगी। इस बात का आश्वासन भी दिया कि भविष्य में विश्वविद्यालय प्रबंधन से अनुमति लेकर ही आएंगे। पुलिस के माफीनामा के बाद ही गेट खोल कर बाहर जाने दिया गया। करीब आधा घंटा पुलिस को रोक कर रखा गया था। पुलिस दोपहर करीब तीन बजे के बाद विश्वविद्यालय पहुंची थी। बताया गया छात्रों का दबाव इतना अधिक था कि अमरकंटक पुलिस बिना मामले की जांच किए ही लौट गई। यह मामला इंटरनेट मीडिया में भी सोमवार को खूब चला।

इनका कहना है

23 नवंबर को विश्वविद्यालय के दो छात्रों के बीच झगड़ा हो गया था जिसकी शिकायत हुई थी। इसी मामले की जांच के लिए विश्वविद्यालय गए थे। जहां कुछ छात्रों ने आपत्ति जताई और उन्हें रोक लिया था। विश्वविद्यालय के प्रोफेसर भी पहुंचे और फिर मामले का पटाक्षेप हुआ। छात्रों के कहने पर मैंने लिखित माफीनामा भी दिया है।

- बीएल गोलैया, एएसआई थाना अमरकंटक

Posted By: Jitendra Richhariya

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