अनूपपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

आपसी सुलह और समझौते के द्वारा शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत के मौके पर न्याय के मंदिर में सैकड़ों मामलों का निराकरण हुआ। जिला न्यायालय सहित तहसील न्यायालय कोतमा और राजेन्द्रग्राम में नेशनल लोक अदालत थी। जिला न्यायालय में डॉ. सुभाष कु मार जैन ने अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण आपसी राजीनामे से सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में करने की बात कही। कलेक्टर चन्द्रमोहन ठाकु र ने कहा कि नेशनल लोक अदालत में समस्त जिला प्रशासन का निरंतर सहयोग मिलता रहेगा और अपने प्रशासनिक संसाधनों का भरपूर उपयोग लोक अदालत को सफल बनाने के लिये कि या जाता रहेगा। कि रणलता के रकट्टा पुलिस अधीक्षक व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैष्णव शमर की मौजूदगी रही।

लोक अदालत के लिये जिला न्यायालय अनूपपुर व तहसील न्यायालय कोतमा व राजेन्द्रग्राम में कु ल 12 खंडपीठों का गठन कि या गया है। आयोजित लोक अदालत में दांडिक, शमनीय प्रकरण, चेक अनादरण प्रकरण, बैंक वसूली प्रकरण, मोटर दुर्घटना प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, सिविल प्रकरण व बिजली व पानी के बिल से संबंधित प्रकरणों का निराकरण कि या गया। लंबित प्रकरणों में से 1446 प्रकरणों को लोक अदालत में रेफर कि या गया, जिनमे से कु ल 313 प्रकरणों का निराकरण हुआ। प्रीलिटिगेशन के 907 प्रकरण लोक अदालत में प्रस्तुत हुए जिनमें से 12 प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से हुआ। लोक अदालत में कु ल राशि 1 करोड 57 लाख 36 हजार 574 अवार्ड हुई। पक्षकारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया व आपसी सुलह व सामंजस्य के आधार पर स्वस्थ वातावरण में आपसी राजीनामा की कार्यवाही करके परस्परिक भाईचारा व सौहार्द का परिचय दिया।

इन मामलों का हुआ निपटारा : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला न्यायाधीश व अध्यक्ष डॉ. सुभाष कु मार जैन के मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत का आयोजन कि या गया है। प्रकरणों के निराकरण हेतु जिला न्यायालय अनूपपुर में 06, तहसील कोतमा में 04 व तहसील राजेंद्रग्राम में 02 खण्डपीठों का गठन कि या गया था।

दो दंपतियों का हुआ मिलन : पुष्पराजगढ के रामचंद्र चंद्रवंशी व श्रीमती मोलिया बाई 2016 में विवाह बंधन में बंधे थे। लेकि न 2017 से अलग रहे थे। पत्नी 2017 से अपने मायके में रह रही थी। लोक अदालत में दोनों में राजीनामा कराया गया। दोनों ने एक साथ रहने का निर्णय लिया। एक अन्य प्रकरण में द्रोपदी राठौर व धीरज राठौर 2016 में विवाह बंधन में बंधे थे और उनकी एक पुत्री है। पति शराब पीकर अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था जिससे परेशान होकर पत्नी अपने मायके चली गयी थी। लोक अदालत में दोनों को बैठाकर समझाया गया जिसपर पति ने पत्नी को अच्छे से रखने की बात कही और दोनों ने एक-दूसरे की मीठा खिलाया और राजी खुशी अपने घर को रवाना हुये।

जमीन का मामला सुलझा- नगरपालिका के वार्ड क्रमांक 12 में सीएमओ कायरलय के पास जमीन का विवाद था। मधुकर चतुवेदी ने अपील की थी। मधुकर के विरुद्घ अरुण गुप्ता थे, राके श सिंह सनौडियां न्यायाधीश ने अधिवक्ता चन्द्रकांत पटेल के मौजूदगी में आपसी सहमति होने पर दोनों पक्षों के समर्थन में फै सला सुनाया। खसरा नंबर 59 का जो विवाद था में मधुकर चतुवेदी को 13 व अरुण गुप्ता को 19 डेसीमिल जमीन दी गई। इसी तरह कांसा गांव के जीजा और साले ने विवाद 2015 में हुआ मामला थाना पहुंचा जिसका निपटारा लोक अदालत में सुलय से हुआ। समरदास चौधरी और उनके जीजा अंगद चौधरी के प्रकरण निपटने पर आम का पौधा दिया गया। प्रथम अपर जिला न्यायाधीश राजेश कु मार अग्रवाल, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 श्रीमती ज्योति राजपूत, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 राके श सनोड़िया, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 आरती रतौनिया, प्रशिक्षु व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 शिखा लोके श दुबे, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष दुगेश पांडेय, अधिवक्ता संतोष सिंह परिहार, अधिवक्ता विजेन्द्र सोनी, नगर पालिका, विद्रुत मंडल, बैंकों के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या में पक्षकार, अधिवक्तागण व न्यायालयीन कर्मचारी उपस्थित रहे। संचालन जीतेन्द्र मोहन धुवे जिला विधिक सहायता अधिकारी ने व आभार प्रदर्शन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भूपेन्द्र नकवाल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने किया।

Posted By: Nai Dunia News Network