अनूपपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)।

मकर सक्रांति का त्योहार देश भर की तरह जिले में आस्था पूर्वक मनाया गया। इस पावन अवसर पर जिले के अमरकंटक से उद्गमित मां नर्मदा की पावन धारा में संक्रांत के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई और भगवान सूर्य की पूजा अर्चना की। डुबकी लगाने वालों का कड़कड़ाती ठंड के बावजूद खासा उत्साह देखा गया। अमरकंटक में मकर सक्रांति के अवसर पर देश के विभिन्नाा राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे। डुबकी लगाने के बाद लोगों ने मां नर्मदा मंदिर परिसर जाकर दर्शन किए और गरीबों को तिल, गुड़ का दान किया। श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध किए गए। अमरकंटक में संक्रांत के अवसर पर मेला ग्राउंड में मेला का भी आयोजन किया गया। इसी तरह गोंडवाना समाज का वार्षिक सम्मेलन भी यहां हुआ। जहां छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश राज्य सहित अन्य प्रांतों से समाज के पदाधिकारी एवं महिलाएं पुरुष बड़ी संख्या में एकत्र हुए। अमरकंटक के सभी धार्मिक और दर्शनीय स्थलों पर भीड़ का आलम बना हुआ था। अमरकंटक की तरह समूचे जिले में नदी तटों पर लोग स्नान दान के लिए पहुंचे जहां उन्होने मंदिरों मे पूजा र्चना भी की। जिला अंतर्गत सोन ,जोहिला, केवई ,अलान जैसे अन्य छोटी -बड़ी नदियों में स्नान करने वालों की भीड़ के साथ ही मेले का लोगों ने लुफत उठाया।

परंपरागत रूप से खिचड़ी, तिल वस्तुओं का दान कियाः मकर सक्रांति पर्व के साथ ही भगवान सूर्य देव उत्तरायण हो गए। सक्रांति पर्व के मौके पर घरों में विभिन्नाा प्रकार के पकवान बने साथ ही बच्चों ने पतंगबाजी का आनंद उठाया। लोगों ने पर्व के मौके पर परंपरागत रूप से खिचड़ी तिल समेत अन्य वस्तुओं का दान कर आस्थावान पुण्य संचय किया।

अमरकंटक पहुंचे लोगः मकर सक्रांति में दान पुन का विशेष महत्व रहता है गुरुवार को पुण्य काल में लोगों ने जिला अंतर्गत अमरकंटक में पहुंचकर पवित्र नदी नर्मदा में डुबकी लगाई और भगवान सूर्य को अर्ध्य देकर पूजा अर्चना की। साथ ही वहां गरीबों को कपड़े अनाज रुपए आदि लेकर दान पुण्य किया। अमरकंटक में बुधवार रात से ही हजारों की संख्या में विभिन्नाा प्रांतों से श्रद्धालु पहुंच चुके थे। सुबह अमरकंटक के नर्मदा कुंड में भारी भीड़ रही जो देर शाम तक यहां लोगों के आने का सिलसिला बना रहा जिससे यहां मेला जैसा माहौल रहा। मंदिर परिसर में भी मां नर्मदा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार रही। मकर सक्रांति पर यहां मेला तो नहीं भरता लेकिन जिस तरह व्यापक भीड़ थी यहां मेला जैसा माहौल रहा।

बरगवां और सीतापुर मेला में उमड़े लोगः मुख्यालय से लगभग 3 किलोमीटर दूर ग्राम सीतापुर पंचायत अंतर्गत सोन -तिपान नदी के संगम स्थल पर शिव मंदिर के सामने कई दशकों से दो दिवसीय मेले का आयोजन होता आ रहा है। इस मेले में क्षेत्र के सैकड़ों गांव के लोग परिवार के साथ पहुंचकर खरीदारी की और सोन तिपान संगम तट पर स्नान कर परिवारजनों के साथ खिचड़ी का भोजन किया। इसी तरह चचाई थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत बरगवां के प्राचीन हनुमान मंदिर के समीप तीन दिवसीय विशाल मेला का आयोजन किया गया जहां बड़ी भीड़ लोगों की उमड़ रही है। इन मेलों में ग्रामीण अंचलों से अनेक लोग अपनी पसंद की सामग्री खरीदने पहुंच रहे हैं। साथ ही रहट, झूला,चकरी और जादूगर से जुड़ी मनोरंजन का आनंद उठाया, इसी तरह मेले में गन्नााा, खानपान की दुकानें सजी हुई थी। मेले में बर्तन, खिलौने ,श्रृंगार सामग्री ,कपड़े आदि की खूब खरीदारी लोगों के द्वारा की गई।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस