अनूपपुर(नर्ईदुनिया प्रतिनिधि)।

ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ओबीसी महासभा ने रिजर्वेशन को लेकर शनिवार को प्रदेश बंद का आह्वान किया था। इसका असर जिले में नहीं देखा हालांकि जिला ओबीसी महासभा द्वारा प्रदर्शन कर विरोध जाहिर किया गया और राष्ट्रपति ,प्रधानमंत्री ,राज्यपाल सहित अन्य को ज्ञापन सौंपकर मांग रखी कि ओबीसी वर्ग की जनगणना कराकर 51 प्रतिशत आरक्षण लागू करने हेतु पिछड़ा वर्ग के जनसंख्या आंकड़ों को एकत्रित कराकर सर्वोच्च न्यायालय ओबीसी के लिए आरक्षण की व्यवस्था लागू करें। जिला इकाई ओबीसी महासभा द्वारा नगर के शंकर मंदिर चेतना नगर,अमरकंटक तिराहा व कोतवाली चौक के आस पास जाकर प्रदर्शन किया। जिले के अन्य तहसील क्षेत्र के नगर निकाय क्षेत्र में बंद एवं प्रदर्शन जैसा कहीं भी माहौल नहीं रहा। पुलिस सभी जगह मुस्तैद रही। सौंपे गये ज्ञापन में कहा गया कि सामाजिक तथा शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े हुए समुदायों को अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के रूप में 3 वर्ग बनाए गए हैं जनगणना में इन तीनों वर्गों की दशाओं के आंकड़े एकत्रित किए जाने चाहिए लेकिन अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग की जनगणना तो होती है लेकिन अन्य पिछड़ा वर्ग की जनगणना नहीं होती है जनगणना फॉर्मेट में ओबीसी का कॉलम नहीं होता है।जनगणना 2011 में पृथक से अन्य पिछड़ा वर्ग के आंकड़े एकत्र करने प्रयास किए गए लेकिन आपने जारी नहीं किए गए ओबीसी महासभा द्वारा लंबे समय से प्रतिमा ज्ञापन देकर जनगणना 2021 के फॉर्मेट में ओबीसी का कॉलम बनवाने शासन प्रशासन से निवेदन किया जाता रहा लेकिन जनगणना फॉर्मेट में अन्य पिछड़ा वर्ग का कॉलम नहीं है फल स्वरुप ओबीसी वर्ग की जनसंख्या का आकलन नहीं हो पा रहा है।

सर्वोच्च न्यायालय में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अपना पक्ष मजबूती से ना रखते हुए त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरी निकाय चुनाव में ओबीसी वर्ग का आरक्षण सुन कर दिया था किंतु पिछड़ा वर्ग समुदाय के विरोध में कुछ दिन बाद सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 14 प्रतिशत आरक्षण के साथ पंचायत चुनाव कराने का निर्णय पारित किया गया है जिसमें कुल आरक्षण सीमा 50 प्रतिशत से अधिक ना होने की बात कही है। 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण ना होने की स्थिति में केवल पिछड़े वर्ग समुदाय का आरक्षण जनसंख्या के हिसाब से कम कर देना पिछड़े वर्ग के साथ न्याय नहीं है।ज्ञापन में मांग रखी गई कि पिछड़े वर्ग को 51 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने हेतु 50 से अधिक आरक्षण देने की बाध्यता को खत्म कर कानून बनाया जाए त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव में पिछड़े वर्ग को जनसंख्या के अनुपात में पूर्ण प्रतिनिधित्व दिया जाए।इसी तरह यह भी मांग रखी गई कि मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ग 1 और 2 में चयनित सभी विषयों में 27 प्रतिशत आरक्षण के साथ ही सूची जारी कर नियुक्ति प्रदान की जाए। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में चयनित आवेदकों को 27 प्रतिशत आरक्षण के साथ ही सूची जारी का नियुक्ति दी जाए। किसानों की फसल जिस समर्थन मूल्य खरीदी गई है लंबित भुगतान महंगाई दर के हिसाब से किया जाए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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