Corona Vaccination in Madhya Pradesh: अनूपपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना वैक्सीन प्रथम चरण में फ्रंटलाइन वारियर्स को लगाई जानी थी, लेकिन इसमें भी रसूखदारों को उपकृत करने का तरीका जिम्मेदार अधिकारियों ने खोज निकाला। अनूपपुर जिले में रसूखदार निर्माण व्यवसायी, उनके परिवार व संबद्ध 13 लोगों को वैक्सीन लगाने का मामला सामने आने के बाद पता चला कि इसकी तैयारी पहले से कर ली गई थी। इनके नाम भी पोर्टल में दर्ज थे। अब स्वास्थ्य अधिकारी एक-दूसरे को जिम्मेदार बता कर पल्ला झाड़ रहे हैं, लेकिन पोर्टल तक नाम पहुंचाने में किसने और किसके कहने पर भूमिका निभाई? जांच में साफ होगा।

कोरोना वैक्सीन लगाने अनूपपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग ने नियमों की अवहेलना कर रसूखदारों को वैक्सीन लगवा दी। अब मुख्य जिला एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डा. बीडी सोनवानी ने जिला टीकाकरण अधिकारी डा. एसबी चौधरी को जांच सौंपी है। जिले के बिजुरी नगर के रसूखदार बालमुकुंद खेड़िया के परिवार और कर्मचारियों को वैक्सीन लगा दी है।

रजिस्ट्रेशन में लापरवाही

इससे वैक्सीन लगाने की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में ही बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। सूची में दर्ज नामों का वेरिफिकेशन नहीं किया गया। निचले स्तर से जो सूची आई उसे ब्लाक से जिला स्तर पर भेजा गया और मंजूर कर भोपाल भेज दिया। जो सूचियां भेजी गई उसमें ऐसे लोगों के नाम पोर्टल पर अपलोड किए गए जो स्वास्थ्य कर्मचारी नहीं हैं।

कैसे आए पोर्टल पर नाम

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बिजुरी के अधिकारी का कहना है कि हमारे दफ्तर से खेड़िया परिवार का नाम लिस्ट में नहीं भेजा गया। वहीं विकास खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) बोले- लिस्ट पीएचसी से आई और हमने आगे बढ़ा दी। जिला अधिकारियों ने बिना जांच-पड़ताल के लिस्ट भोपाल भेज दी।

नेत्र शिविर लगाने वाली संस्था

खेड़िया परिवार के पास राधेश्याम खेड़िया नेत्रालय नाम से एनजीओ है। इसी नाम से पूरा खेल किया गया। ये संस्थान साल में एक बार नेत्र शिविर लगाता है। इसी आधार पर इससे जुड़े लोगों को कोरोना वारियर्स की श्रेणी में रखकर वैक्सीनेशन के लिए रजिस्टर्ड करा लिया गया।

इनका कहना

जिन लोगों की सूची हमें मिली, हम उनको वैक्सीन लगा रहे हैं। पीएचसी स्तर से खेड़िया परिवार व उनकी संस्था की सूची नहीं गई थी, लेकिन पोर्टल पर नाम होने पर विभागीय अधिकारियों को जानकारी देते हुए वैक्सीन लगाई गई।

- डा मनोज सिंह, मेडिकल आफिसर पीएचसी बिजुरी

राधेश्याम खेड़िया नेत्रालय बिजुरी के नाम से एनजीओ पंजीकृत है। यहां से सूची ब्लाक स्तर पर सीधे आई थी। जो डाटा दिया था उसमें सेवा क्षेत्र में हमेशा साथ देने वालों के नाम भेजे थे। इसे आगे भेज दिया था।

- डा केएल दीवान, बीएमओ कोतमा

खेड़िया का बिजुरी में नेत्र चिकित्सालय है,वहां काम कर रहे लोगों के नाम भी वैक्सीन लगने वाली सूची में थे। इसमें से कुछ लोगों को वैक्सीन लग भी गई। मामला संज्ञान में आने के बाद उनको वैक्सीन लगाने से मना कर दिया है और खेड़िया परिवार के लोगों के वैक्सीन लगाने की जानकारी देने निर्देशित किया है। कहीं गलती हुई है तो कार्रवाई होगी।

-डा. बीडी सोनवानी, सीएमएचओ

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Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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