अनूपपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। चचाई थाना क्षेत्र बरगवां नगर परिषद के हनुमान मंदिर के नजदीक पेपर मिल 11 नंबर बांध गेट सोन नदी किनारे है। यहां के बाउंड्रीवाल किनारे खेत हैं। शुक्रवार की रात पिता-पुत्र खेत में रखवाली करने जा रहे थे। पिता आगे था जो बिजली के करंट की चपेट में आ गया और घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर करंट फैलाने वाले आरोपित की तलाश शुरू कर दी है।

जंगली सूअर का शिकार करने के लिए अज्ञात ने 11 केवीए बिजली पोल से जीआइ तार द्वारा खेत तक करंट लगाया गया था। मृतक रामस्वारथ राजभर (58) निवासी बरगवां का दाहिना पैर बिजली के तार में उलझ गया था। तार में करंट होने से किसान का हाथ, पैर व शरीर का अन्य हिस्सा झुलस गया। मृतक के साथ उसका बेटा मुन्नाा (30) भी था। रात करीब 9:30 बजे अंधेरा होने के कारण मृतक तार को नहीं देख पाया था। पीछे-पीछे आ रहा मुन्नाा घटनास्थल पहुंचा और पिता को करंट की चपेट में पाया। कुछ देर में ही रामस्वारथ ने दम तोड़ दिया। रात में एक घटना की जानकारी चचाई पुलिस को दी गई। शनिवार की सुबह शव का पंचनामा व पोस्टमार्टम की कार्रवाई हुई। बताया गया कि रामस्वारथ राजभर दो किमी दूर अपने खेत में धान की फसल लगाया है जो कटाई के करीब है। जंगली सूअर अक्सर किसानों की फसलों को चौपट कर देते हैं। यही वजह है कि रामस्वारथ राजभर अपने बेटे के साथ खेत की रखवाली करने के खेत जा रहे थे। आश्ांका जताई गई कि स्थानीय किसी व्यक्ति ने सूअर के शिकार के लिए यह करंट लगाया गया था।

आरोपित का सहयोग करने पर जमानत खारिज

अनूपपुर। विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) अनूपपुर की न्यायालय ने थाना कोतवाली के एक दुष्कर्म एवं पाक्सो एक्ट के आरोपितों शंकर यादव 36 वर्ष एवं सोमता यादव 34 वर्ष दोनों निवासी ग्राम केकरपानी अनूपपुर की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। आरोपित 18 अक्टूबर से जेल में बंद हैं।

प्रभारी जिला अभियोजन अधिकारी राजगौरव तिवारी ने शनिवार को बताया कि पीड़िता 22 अगस्त की शाम मां के साथ घर जाते समय रास्ते से गायब हो गई थी। पीड़िता की मां ने थाने में गुम रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने मिलने पर बताया कि आरोपित शंकर यादव एवं सोमता यादव ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने में मुख्य आरोपित का साथ दिया था। न्यायालय में जमानत याचिका का विरोध करते हुए विशेष लोक अभियेाजक ने बताया कि आरोपित अवयस्क पीड़िता के साथ अन्य दो ने आरोपित को अपराध करने उसका सहयोग किया, जिसके कारण पीड़िता के साथ अपराध किया गया। ऐसी स्थिति में रिमांड स्टेज पर जमानत का लाभ दिया जाता है तो निश्चित ही उनके द्वारा पीड़िता व उसके स्वजन को प्रभावित कर अनुसंधान को प्रभावित करेंगे। न्यायालय विशेष लोक अभियोजक के तर्कों से सहमत होते हुए दोनों की जमानत निरस्त कर दी।

Posted By: Jitendra Richhariya

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