अनूपपुर। जिले के अनूपपुर विधानसभा के पूर्व विधायक बिसाहूलाल सिंह गुरुवार को हुए केबिनेट विस्तार में मंत्री बनाए गए। इनके मंत्री बनने से उनके समर्थकों में भारी उत्साह है। कांग्रेस में 40 वर्षों का सफर तय कर मार्च महीने में कोरोना लॉकडाउन से पहले बिसाहूलाल सिंह कांग्रेस से नाता तोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। बिसाहूलाल सिंह के भाजपा मे जाने का कारण उन्हें सरकार मे मंत्री पद का ना मिलना था जिससे वह नाराज थे। बिसाहूलाल पहले ऐसे विधायक थे जिन्होंने कांग्रेस की प्रदेश सरकार को गिराने में पहली कील ठोंकी थी और ज्योदिरादित्य खेमे में शामिल हो गए थे। बिसाहूलाल सिंह वर्ष 1980 में पहली बार कांग्रेस की ओर से चुनकर विधायक बने थे। 40 वर्षों से कांग्रेस के सदस्य व पदाधिकारी रहे, कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे। इन्होंने स्नातक तक की शिक्षा ग्रहण की है।

5 बार अनूपपुर विधानसभा से जीतः बता दें कि जिले में 3 विधानसभा है जिसमें तीनों ही कांग्रेस के पास थी। इसी से एक विधानसभा सीट अनूपपुर जिसके विधायक बिसाहूलाल सिंह थे। वे सन्‌ 1980 में पहली बार विधायक चुनकर आए थे। अभी तक वे इसी सीट से 5 बार कांग्रेस के विधायक चुनकर आ चुके हैं। इन्होंने अब तक सूरजदीन सिंह, लक्ष्मी आर्मो व रामलाल रौतेल के साथ प्रतिद्वंदी के रूप में चुनाव लड़ा, वे 8 चुनाव में 5 बार चुनाव जीते, 3 बार हारे भी।

बड़े विभागों के मंत्री रहे हैं: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में बिसाहूलाल सिंह पीडब्ल्यूडी मंत्री, ऊर्जा मंत्री और आदिवासी विकास मंत्री के पद पर रहे हैं। 2018 के चुनाव के बाद कांग्रेस शासन में भी मंत्री बनने के इनके पूरे आसार थे, लिस्ट में नाम होने के बावजूद अंतिम समय में उनका नाम हटा दिया गया था, तब से वे नाराज चल रहे थे। मध्यप्रदेश में कांग्रेस के सन्‌ 1998 के दिग्विजय सिंह के अंतिम कार्यकाल में बिसाहूलाल सिंह कद्दावर नेता बन चुके थे इसलिए एक बार उन्होंने अदिवासी मुख्यमंत्री के नाम पर दिग्विजय सिंह की कुर्सी हिलाने की हिमाकत करने का प्रयास किया था तब से दिग्विजय इनसे नाराज चल रहे थे जो राजनैतिक गलियारों मे जग जाहिर था, वरना इसके पूर्व दोनों की बहुत पटती थी और दिग्विजय ने अपने कार्यकाल मे उन्हें बड़े मंत्री पद देकर नवाजा था।

आर्थिक और राजनैतिक स्तर पर बड़े नेता बन कर उभरेः बिसाहूलाल सिंह अपने मंत्रि काल के दौरान राजनैतिक स्तर से भी एक बड़े नेता के रूप मे उभर कर सामने आए, आज भी जिले में कांग्रेस का कोई नेता उनके मुकाबले उभर कर नहीं आया। इनके भाजपा में शामिल होने के बाद अब काग्रेस में अनूपपुर विधानसभा से प्रत्याशी के रूप मे कोई कद्दावर नेता नहीं है।

बिसाहूलाल सिंह की आर्थिक निर्भरता कृषिः यह भी बता दें कि इस समय बिसाहूलाल सिंह की आर्थिक स्थिति वैसी नहीं है जैसी मंत्री पद के समय थी। इनका एक पेट्रोल पंप बंद हो चुका है, वहीं एक होटल व रेस्टॉरेंट भी बंद हो गया है, अब पूरी आर्थिक निर्भरता कृषि पर है। इनके बेटे व्यपार को संभाल नहीं पाए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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