अनूपपुर।

कमर्शियल माइनिंग वापस लेने के मुद्दे पर कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी के साथ वार्ता विफल होने के बाद कोल उद्योग में कार्यरत कर्मचारी गुरुवार से 72 घंटे की हड़ताल पर शामिल हो गए हैं। गुरुवार को जिले के हसदेव एवं एसईसीएल अंतर्गत सभी कोयला खदानों में हड़ताल का व्यापक असर रहा। कर्मचारी खदान में उत्पादन के लिए कार्य करने नहीं गए जिससे उत्पादन में प्रभाव पड़ा। खदानों के मुहाड़ो पर श्रमिक संघों ने केंद्र सरकार का जमकर विरोध किया। इस हड़ताल से कोयला उत्पादन व डिस्पैच लगभग बंद रहा।

इन मुद्दों को लेकर हड़ताल कर रहेः केंद्रीय मान्यता प्राप्त श्रमिक संघ इंटक, एचएमएस, सीटू, बीएमएस तथा इंटक समेत कोल इंडिया की सभी अनुषांगिक कंपनी में कोल ब्लॉक को निजी हाथों में सौंपने कमर्शियल माइनिंग, सीएमपीडीआई को कोल इंडिया से पृथक करने समेत अन्य मुद्दों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। कोयला सचिव अनिल जैन के बाद बुधवार को कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी के साथ वीडियो कांफें्रसिंग के माध्यम से श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों की वार्ता हुई। प्रतिनिधियों ने सिर्फ कमर्शियल माइनिंग का प्रस्ताव वापस लेने की मांग रखी इस मुद्दे पर कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका। लिहाजा गुरुवार से रखी गई हड़ताल सभी कोयला खदान क्षेत्रों में शुरू हो गई है।

कर्मचारियों ने किया समर्थनः जिले के जमुना- कोतमा क्षेत्र, बिजुरी, राजनगर कालरी क्षेत्र में हड़ताल शत- प्रतिशत सफल रही। ट्रेड यूनियनों द्वारा किए गए हड़ताल के आह्वान पर कर्मचारियों ने समर्थन करते हुए घरों पर रहे जिससे सुबह 7 बजे से 3 बजे तक चलने वाली पहली पाली में श्रमिक काम करने खदान नहीं पहुंचे यही स्थिति दूसरी पाली में भी कर्मचारियों के खदान में उपस्थिति नहीं रही।

हड़ताल सफल रहीः हड़ताल को सफल बनाने के लिए खदान एरिया में जाकर श्रमिक संगठनों द्वारा लगातार गेट मीटिंग व जागरूकता अभियान चलाया गया जिससे हड़ताल सफल रही। गुरुवार सुबह 6 बजे से श्रमिक नेता खदान पहुंचकर कामकाज प्रभावित करने आ गए थे। जिले में करीब 8000 नियमित अधिकारी- कर्मचारी कोयला खदान में कार्यरत हैं। इस हड़ताल का हिस्सा आउटसोर्सिंग के 6000 से अधिक कर्मी भी शामिल रहे। हड़ताल के दौरान कर्मचारी व उनके परिवार को किसी तरह की दिक्कत ना हो इसलिए इमरजेंसी सेवाएं चालू रखी गई। प्रबंधन ने पानी बिजली हॉस्पिटल खदान से पानी निकालने पंप चलाने व आवश्यक कार्य के लिए कर्मचारियों को आवश्यक सेवा के तहत व्यवस्था बनवाई। हड़ताल के मद्देनजर संबंधित थाना क्षेत्र के पुलिस भी अलर्ट रहें। खदान क्षेत्रों के लिए अलग- अलग पेट्रोलिंग की टीम तैयार की गई थी जो हड़ताल से जुड़े गतिविधियों पर नजर रख रही थी कालरी का सुरक्षा विभाग भी मुस्तैद रहा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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