अनुपपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बिजली कंपनियों के निजीकरण हेतु संसद में 8 अगस्त को पटल पर रखे जा रहे इलेक्ट्रिसिटी (अमेडमेंट) बिल- 2022 के विरोध में सोमवार को केंद्रीय कार्यकारिणी मध्यप्रदेश यूनाइटेड फोरम फार पावर एम्पलाइज एंड इंजीनियर्स भोपाल के आदेश अनुसार अनूपपुर जिले के विद्युत कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

सोमवार को विद्युत कर्मियों ने कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया था किंतु समन्वय ना होने के कारण ऐसा ना हो सका, पर निजीकरण के खिलाफ सभी कर्मचारी अधिकारी एकजुट होकर निजीकरण के खिलाफ ज्ञापन सौंपा और प्रदर्शन में भाग लिया। कार्य बहिष्कार ना होने से विद्युत व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई। जिला प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन पत्र में कहा गया कि बिजली के निजीकरण होने से बिजली की दरों में बढ़ोतरी होगी। रिक्त पदों पर जो भर्ती होगी उन कर्मचारियों को शासकीय सुविधाओं से वंचित होना पड़ेगा और बिजली की समस्या बढ़ने के साथ लोगों को महंगी बिजली मिलेगी। विद्युत कंपनियों के निजी करण से विद्युत अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम उपभोक्ताओं को विद्युत उद्योग में भविष्य में तरह-तरह की समस्याएं आएंगे। यदि विद्युत उद्योग ही नहीं रहेगा तो लोग अपनी समस्या किसके पास रखेंगे। विद्युत कंपनियों के रहने से हमारा उद्योग भी सुरक्षित रहेगा और हमारा भविष्य भी। ज्ञापन अपर कलेक्टर सरोधन सिंह को भी सौंपा गया।इसी तरह जिले के सभी विद्युत विभाग कार्यालय के बाहर सभी अधिकारी- कर्मचारी एकत्र हुए और इस निजीकरण के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और सरकार को इस बिल को पास न करने की मांग रखी ताकि विद्युत उद्योग का अस्तित्व बरकरार रहे।

निजीकरण के खिलाफ पावर प्लांट के विद्युत कर्मियों ने किया प्रदर्शन

चचाई। बिजली के निजीकरण हेतु संसद में रखे जा रहे इलेक्ट्रीसिटी (अमेण्डमेंट) बिल 2022 के विरोध में सोमवार को अमरकंटक ताप विद्युत केंद्र के अधिकारियों, कर्मचारियों, इंजीनियरों ने राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय असहयोग आंदोलन में हिस्सा लिया।

बताया गया नेशनल कोआर्डिनेशन कमेंटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्पलाईस एंड इंजीनियर्स (एनसीसीओईईई) के आह्वान पर इलेक्ट्रीसिटी (अमेडमेंट) बिल 2022 के विरोध में एवं केंद्र स्तर पर चल रही पावर सेक्टर के निजीकरण के विरोध में देश के लगभग 17 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर सोमवार को एक दिन के लिए पूरे देश में कार्य बहिष्कार का आव्हान रखा था, जिसके अंतर्गत अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई एवं के विभिन्न कार्यालयों सभी अभियंताओं से लेकर चतुर्थ वर्ग तक के समस्त विद्युत कर्मियों ने पूरे जोश एवं समर्थन के साथ विद्युत गृह गेट पर पहुंचकर असहयोग आंदोलन में भाग लिया तथा केंद्र सरकार द्वारा लाये जा रहे इलेक्ट्रीसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2022 के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। चचाई विद्युत गृह के बाहर इस विरोध प्रदर्शन के दौरान अभियंता संघ शाखा चचाई के अध्यक्ष इंजीनियर इंद्रजीत धुर्वे सचिव लव चौहान, पिया के क्षेत्रीय सचिव मनीष दौलतानी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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