राजेंद्रग्राम।

फोन करके खुद को अनूपपुर का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बताकर स्थानीय एक वाहन शोरूम के संचालक से 60 हजार रुपए अज्ञात ने अर्जित कर लिए थे। पीड़ित केदार प्रसाद गुप्ता निवासी राजेंद्रग्राम ने धोखाधड़ी का शिकार होने पर पुलिस में ठगे जाने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेकर जांच शुरू की और मामले में चार आरोपितों में से दो को राजस्थान से गिरफ्तार किया है।

ऐसे लूटे साठ हजार

थाना प्रभारी राजेंद्र ग्राम ने बताया कि 22 जुलाई को केदार गुप्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि 17 जून को उसके मोबाइल पर एक नंबर आया था जिसने अपना परिचय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर देकर 60 हजार की आवश्यकता बताते हुए अपने खाते में यह राशि ट्रांजैक्शन कराने को कहा था और भरोसा दिया था कि यह राशि वापस कर दी जाएगी। तब फरियादी केदार प्रसाद गुप्ता ने झांसे में आकर बताए गए दो खातों में यह राशि भेजी थी जब केदार गुप्ता ने उक्त आए नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया तो फोन बंद आने लगा तब वह धोखाधड़ी का शिकार होने की शंका पर पुलिस की मदद ली। पुलिस ने अज्ञात मोबाइल धारक के विरुद्घ धारा 420 का प्रकरण पंजीबद्घ कर मामले को विवेचना में लिया था।

पकड़े गए आरोपित राजस्थान के करोली जिले के हैं

थाना प्रभारी राजेंद्र ग्राम ने बताया कि पुलिस अधीक्षक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर तथा एसडीओपी पुष्पराजगढ़ के निर्देशन में अज्ञात मोबाइल धारक के संबंध में कॉल डिटेल निकलवाया गया तथा सीडीआर के माध्यम से आरोपितों की पतासाजी के लिए टीम गठित कर राजस्थान भेजी गई जहां से आरोपित उदय सिंह पिता स्वर्गीय भरोसी राम निवासी लालाराम का पुरा थाना बालघाट जिला करोली राजस्थान और समय सिंह जाटव पिता स्वर्गीय राम खुशी जाटव निवासी आला वाड़ा थाना सुरोठ जिला करोली राजस्थान को 23 अगस्त को गिरफ्तार किया गया और जेएमएफसी राजेंद्र ग्राम में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

दो और आरोपितों की तलाश है

बताया कि इस प्रकरण में आरोपित महेश मीणा निवासी खोय ली थाना नादौती राजस्थान एवं मोबाइल धारक अशोक मीणा निवासी मीना खेड़ा थाना सलेमपुर जिला दौसा राजस्थान की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले में बताया गया कि आरोपित समय सिंह पीडब्ल्यूडी में कर्मचारी था आरोपित उदय सिंह समय सिंह का साड़ू लगता है उदय सिंह का संपर्क महेश मीणा से था और महेश ने अशोक के साथ मिलकर यह सारा प्लान बनाया जिसमें उदय सिंह और समय सिंह ने सहयोग देते हुए इस धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दी, इस कार्रवाई में थाना प्रभारी के एस पेंद्रो, उप निरीक्षक डीएस मरावी, प्रधान आरक्षक विनय सिंह एवं आरक्षक मुरत सिंह की अहम भूमिका रही।