अशोकनगर (नवदुनिया प्रतिनिधि)। सहायक सचिव कर्मचारी संघ ने विभिन्ना मांगों को लेकर एक ज्ञापन जिला पंचायत सीईओ बीएस जाटव को सौंपा। संघ के जिलाध्यक्ष जगभान सिंह यादव ने बताया कि जिले में अधिकारियों द्वारा सहायक सचिवों से कई कार्य करवाए जा रहे हैं। सहायक सचिवों से कराए जा रहे अलग-अलग कई कार्यों के कारण वास्तविक कार्य प्रभावित होते हैं। अपनी इन्हीं मांगों को लेकर संघ की ओर ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन के माध्यम से हमारी मांग है कि जुलाई 2013 के आदेशानुसार सहायक सचिवों से रोजगार सहायक की बजाय सहायक सचिव के नाम से पत्राचार किया जावे। मनरेगा योजना अन्तर्गत 20 से अधिक लेबर होने पर मोबाइल मानिटरिंग सिस्टम से हाजरी लगाने हेतु परिषद के निर्देश हैं। वहीं जनपद अधिकारियों द्वारा 1 या 2 लेबर होने पर भी मोबाइल से हाजरी लगाने का दबाब बनाया जाता है। परिषद के नियामानुसार सहायक सचिव केवल मनरेगा का ही कार्य करेगें इसलिए अन्य योजनाओं में सहायक सचिव की जबावदारी तय न की जाये एवं उन्हें केवल मनरेगा संबंधी कार्य करने हेतु आदेश जारी किये जायें। आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु सहायक सचिवों पर दबाव बनाया जा रहा है जबकि कई पंचायतों ने फिंगर प्रिंट मशीन क्रय करने एवं सीएससी आईडी बनवाने हेतु भुगतान नहीं किया है। पंचायतों को आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए लेपटॉप क्रय करने हेतु निर्देशित किया जाए। सहायक सचिवों को पंचायत का बीएलओ बनाया गया है। बीएलओ का कार्य पंचायत सचिव या शिक्षकों को दिया जाए। पूर्व के आदेशानुसार एक पंचायत में एक पूर्णकालिक सचिव एवं एक पूर्णकालिक सहायक सचिव की व्यवस्था की गई थी, कई पंचायतों में सचिव पदस्थ नहीं हैं। वहीं जिन पंचायतों के सचिव पर धारा 92 का प्रकरण प्रचलित है, उन पंचायतों में सहायक सचिव को वित्तीय अधिकार दिये जाएं। जिन सहायक सचिवों को वैक्सीनेशन कार्य में लगाया गया है उनसे पंचायत के अन्य कार्य न कराए जाएं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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