अशोकनगर(नवदुनिया प्रतिनिधि)। प्रदेश की आंगनबाड़ियों में बच्चों को शासन द्वारा तय मीनू के अनुसार प्रत्येक मंगलवार को खीर-पूड़ी और सब्जी दिया जाना अनिवार्य है। वहीं, जिला मुख्यालय पर शहरी परियोजना की आंगनबाड़ियों में बच्चों को खाने के लिए सूखी रोटी और आलू की सब्जी दी जा रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता स्व सहायता समूहों द्वारा बच्चों को रोज ही सब्जी और रोटी देने की बात बता रही हैं। उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय की आंगनबाड़ियों में पोषण आहार वितरण का कार्य स्व सहायता समूहों द्वारा किया जाता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में लगातार इन स्व सहायता समूहों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिंह लगता रहा है। पूर्व से कुछ विभागीय अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त होने के कारण ये स्व सहायता समूह पिछले कई वर्षों से शहरी परियोजना में शासन की पोषण आहार वितरण योजना को पलीता लगा रहे हैं। मंगलवार को भी जब नवदुनिया ने शहर की आंगनबाड़ियों में पहुंचकर पोषण आहार वितरण की हकीकत जाननी चाही, तो वहां पोषण आहार वितरण में अनियमितता देखने को मिली। बच्चों को बांटा जाने वाला खाना निर्धारित मीनू से अलग व गुणवत्ताहीन मिला। इसमें आलू की सब्जी और सूखी रोटियां बच्चों को दी गईं। शहर के रामपुरा मोहल्ला में स्थित वार्ड क्रमांक 5 के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 16 की कार्यकर्ता मीना जैन ने बताया कि केंद्र पर बच्चों को बांटने के लिए खाना स्व सहायता समूह द्वारा भेजा जाता है। वहां से जो भी खाना आता है, हमारे द्वारा बच्चों को बांट दिया जाता है। आज हमने छोटे बच्चों को सतुआ और चना का वितरण कर दिया है, जबकि खाने में आलू की सब्जी और रोटी आई है। पोषण आहार वितरण का कार्य गंगा स्व सहायता समूह द्वारा किया जाता है। इसी प्रकार ईदगाह मोहल्ला स्थित वार्ड क्रमांक 16 के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 48 की कार्यकर्ता सुलेखा केवट ने बताया कि हमारी जिम्मेदारी केवल पोषण आहार वितरण की होती है। खाने में बच्चों को दिया जाएगा, उसमें हमारा हस्तक्षेप नहीं होता है। स्व सहायता समूह द्वारा जो भी दिया जाता है, हम उसे बांट देते हैं। आज केंद्र पर हमारे द्वारा टीएचआर बांटा गया है और आलू की सब्जी व रोटी खाने में दी जाएगी।

कलेक्टर के निर्देश के बाद छोटे-छोटे दल बनाकर आंगनबाड़ियों की जांच कराई गई है। इसमें हमारे मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट के आधार पर हम प्रयास कर रहे हैं कि व्यवस्थाओं में सुधार आए। जिन स्व सहायता समूहों द्वारा अपने कार्य में लापरवाही की जा रही है, उनके ऊपर हम कार्रवाई करेंगे। प्रत्येक सीडीपीओ व पर्यवेक्षक से अपने सेक्टर की आंगनबाड़ियों का औचक निरीक्षण करके साप्ताहिक सत्यापन प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया है।

- डा. नेहा जैन, एसडीएम, प्रभारी डीपीओ, महिला बाल विकास विभाग

Posted By: Nai Dunia News Network

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