Ashok Nagar News: अशोकनगर (नवदुनिया प्रतिनिधि)। गुना जिले के आरोन इलाके में शिकारियों के साथ हुई मुठभेड़ में उप निरीक्षक राजकुमार जाटव का बलिदान हुआ है। राजकुमार अशोकनगर के रहने वाले थे। विदिशा रोड पर गणेश कालोनी में इनका मकान है, यहां पत्नी समेत परिवार के अन्य सदस्य रहते हैं। राजकुमार के बलिदान की खबर आते ही शहर में शाेक की लहर दौड़ गई। दोपहर में इनकी पार्थिव देह को अंत्येष्टि के लिए गुना से अशोकनगर लाया गया। यहां घर से तिरंगे में लपेटकर मुक्तिधाम तक फूलों से सजे पुलिस वाहन में लेकर गए। राजकुमार जाटव की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। साथ ही, अंतिम यात्रा में देशभक्ति गीत बज रहे थे।

लोगों ने राजकुमार अमर रहें के नारे भी लगाए और जगह-जगह पुष्प वर्षा कर अपने लाल को श्रृद्धांजलि दी।

राजकुमार जाटव के पिता रामकृष्ण जाटव पुलिस विभाग में एएसआइ थे। वह इसी वर्ष फरवरी माह में सेवानिवृत्त हुए हैं। राजकुमार अपने तीन भाईयों में दूसरे नंबर के थे। वर्ष 2017 में पुलिस की नौकरी में आए। इसके बाद वर्ष 2019 में इनकी शादी हुई थी। ग्वालियर जिले के डबरा में ससुराल है। राजकुमार जाटव का डेढ़ साल का बेटा राजदीप है। इनके बलिदान की खबर मिलते ही परिवार के अन्य सदस्य अल सुबह ही गुना चले गए। इसके अलावा घर पर पड़ोसी और रिश्तेदारों की भीड़ जुट गई। दोपहर में करीब डेढ़ बजे गुना से अशोकनगर एंबुलेंस से इनकी पार्थिव देह लाई गई। इसे कुछ देर तक घर पर रखा, फिर तिरंगे में लपेटकर अंत्येष्टि के लिए मुक्तिधाम लेकर गए। इससे पहले घर पर सलामी दी गई। इस मौके पर पीएचई राज्यमंत्री बृजेंद्र सिंह यादव, अशोकनगर विधायक जजपाल सिंह, एएसपी प्रदीप पटेल, एसडीओपी संजय चतुर्वेदी, कोतवाली टीआइ नरेंद्र त्रिपाठी, देहात थाना प्रभारी रोहित दुबे, तहसीलदार रोहित रघुवंशी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। वहीं, मुक्तिधाम में भोपाल से आए एडीजी विजय कटारिया, कलेक्टर आर उमा महेश्वरी व एसडीएम डा. नेहा जैन ने पहुंचकर बलिदानी को नमन किया।

सुबह नहीं दी पत्नी को मौत की जानकारी: राजकुमार के स्वजन सुबह ही गुना चले गए थे। अशोकनगर स्थित घर पर पत्नी रूबी और डेढ़ साल का बेटा राजदीप था। पड़ोस में रहने वाले राजकुमार के मामा रतनलाल खरे ने बताया कि सुबह पत्नी रूबी को राजकुमार की मौत के बारे में नहीं बताया था। उनसे सिर्फ यह कह दिया गया था कि राजकुमार घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है। वहीं, दोपहर में जब पार्थिव देह लाई गई, तो पत्नी समेत घर के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। इधर, बलिदानी राजकुमार के घर पर सुबह ही एएसपी प्रदीप पटेल, एसडीओपी संजय चतुर्वेदी और कोतवाली टीआइ नरेंद्र त्रिपाठी पहुंचे। इन्होंने पड़ोसियों से चर्चा की।

मंत्री, विधायक और अफसरों ने दिया कंधाः बलिदानी राजकुमार जाटव की अर्थी को जब घर से ले जाया गया, तो यहां पीएचई राज्यमंत्री बृजेंद्र सिंह यादव, विधायक जजपाल सिंह, एएसपी प्रदीप पटेल, एसडीओपी संजय चतुर्वेदी समेत अन्य लोगों ने कंधा दिया। वहीं, मुक्तिधाम पर एडीजी विजय कटारिया ने भी कंधा दिया। मुक्तिधाम पर आमजन तथा स्वजनों द्वारा पुष्‍पचक्र अर्पित कर अंतिम विदाई दी गई।

डेढ़ साल के बेटे के हाथों से दिलाई मुखाग्निः बलिदानी उप निरीक्षक राजकुमार जाटव को मुखाग्नि उनके डेढ़ साल के बेटे राजदीप के हाथों से दिलाई गई। अंतिम यात्रा जब मुक्तिधाम पहुंच गई, उसके बाद स्वजन राजदीप को गोद में लेकर मुक्तिधाम पहुंचे। यहां मासूम राजदीप काे मुखाग्नि देते देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।

एक दिन पहले ही गए थे ड्यूटी पर, मिलनसार स्वभाव के थे: रतनलाल खरे ने बताया कि राजकुमार जाटव शुक्रवार को दोपहर में तीन बजे ही अपनी ड्यूटी के लिए गए थे। इससे पहले रात में राजकुमार से मेरी बात हुई थी, वह काफी मिलनसार स्वभाव के थे। इसके अलावा पढ़ने में भी होशियार थे।

पिता ने कहा- ज्यादा फोर्स भेजते, तो ऐसा नहीं होता: बलिदानी उप निरीक्षक राजकुमार जाटव के पिता रामकृष्ण ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि उनका बेटा अपने फर्ज का पालन करते हुए बलिदान हुआ है। जब इस तरह की सूचना आई थी, तो ज्यादा फोर्स को साथ भेजना चाहिए था। अगर ज्यादा फोर्स बेटे के साथ होता, तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती।

वर्जन-

उप निरीक्षक राजकुमार जाटव के साथ कम फोर्स भेजने के स्वजन के आरोप के संबंध में मेरी अभी उनके घर वालों से चर्चा नहीं हुई है। अगर ऐसा है, तो मैं उनकी बात को सक्षम अधिकारी तक पहुंचाऊंगा।

विजय कटारिया, एडीजी

Posted By: vikash.pandey

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