नईसराय। नवदुनिया न्यूज

बीते दस दिनों से चल रहे गणेशोत्सव का गणेश प्रतिमा विसर्जन के साथ ही समापन हो गया। इस दौरान चल समारोह के साथ लगभग दर्जन भर से भी ज्यादा झांकियां निकाली गईं। प्रतिमाओं को सिंध नदी पर ले जाकर विसर्जन किया गया। गणेश चतुर्थी के साथ ही गणेशोत्सव की शुरूआत हुई थी। इस दौरान कस्बे के अलावा डुंगासरा, सीहोर में भी भव्य झांकियां लगाई गई थीं। गुरूवार को झांकियों पर हवन शांति के साथ भंडारा आयोजित किया गया। साथ ही ट्रैक्टर-टालियों पर झांकियों को सजा कर चल समारोह निकाला गया। चल समारोह कस्बे के विभिन्न मार्गों से होकर निकला। झांकी में विराजमान भगवान गणपति का स्थानीय लोगों ने पूजन अर्चन भी किया। अंत में सिंध नदी पर ले जाकर भगवान गणपति जी की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।

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फोटो139सी- झमाझम बारिश में चल समारोह निकालते श्रद्घालु।

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खबर नं.17

चल समारोह के साथ हुआ पयूर्षण पर्व का समापन

नईसराय। नवदुनिया न्यूज तहसील मुख्यालय स्थित श्री पार्श्वनाथ अतिशय क्षेत्र दिंगंबर जैन मंदिर में बीते दस दिनों से चल रहे पयूर्षण पर्व का शुक्रवार को चल समारोह के साथ समापन हो गया। इस दौरान मंदिर से विशाल शोभायात्रा निकाली गई। जो कस्बे के विभिन्न मार्गों से होते हुए मंदिर पहुंची जहां विधान और प्रवचन भी हुए। जैन धर्मालंबियों ने बताया कि पयूर्षण पर्व के दौरान मंदिर में विभिन्न प्रकार की धार्मिक और रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिसमें समाज के बच्चों ने बड चडकर हिस्सा लिया। शुक्रवार को पर्व के समापन के मौके पर मंदिर जी से विशाल शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा निचला बाजार, पावर हाउस, बस स्टैंड, मैन मार्केट, हाट प्रांगण, से होते हुए वापस मंदिर पहुंची। जहां अन्य कार्यक्रम हुए। इस दौरान वरिष्ठ समाजसेवी घासीलाल जैन, नैमीचंद जैन, नेमीचंद जैन हलवाई, जनवेद जैन , अवधेश जैन, विनोद जैन के अलावा बडी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

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फोटो139डी- चल समारोह में भाग लेते हुए जैन श्रद्घालु।

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खबर नं.18

जैन विमानोत्सव की पूरे दिन तैयारियां चलती रहीं, नाट्य प्रस्तुति से दर्शकों का मनमोहा

अशोकनगर। नवदुनिया प्रतिनिधि आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य मुनिश्री प्रशांत सागर जी एवं मुनिश्री निर्वेग सागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में जैन समाज की ओर से इस बार महापर्व पर्यूषण मनाया गया। जिसके उपरांत क्षमावाणी पर्व के पश्चात जैन विमानोत्सव का चल समारोह 14 और 15 सितंबर को आयोजित किया गया है। इस चल समारोह को लेकर पूरे दिन तैयारियां चलती रही। इस बार जैन विमानोत्सव में चांदी का रथ आकर्षण का केंद्र होगा।

12 सितम्बर की रात स्थानीय जैन समाज के युवाओं की संस्था विद्या नवयुवक मंडल की ओर से एक नाट्य प्रस्तुति प्रदान की गई। इस नाट्य प्रस्तुति को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा थी। इस नाट्य प्रस्तुति की शुरूआत मंगलाचरण के साथ की गई। इस नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से दिखाया गया कि किस तरह आज की शिक्षा नीति पर आधुनिक संस्कृति हावी है। शिक्षा के मूल नष्ट होते जा रहे हैं और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा ग्रहण करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस तरह की तमाम विसंगतियों को मंच के कलाकारों द्वारा मंच से प्रस्तुत किया गया।

14 सितंबर को आयोजित होने वाले जैन विमानोत्सव की पूरे दिन तैयारियां चलती रही। मार्ग को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। घर-घर रंगोलियां बनाई जाएगी। महिला संगठनों को भी जिम्मेदारियां सौंपी गयी है। इससे पहले 12 सितम्बर को दोपहर में पुराना जैन मंदिर पर कलशारोहण कार्यक्रम का आयोजन मुनिसंघ के ससंघ सानिध्य में आयोजित किया गया। इस चल समारोह की शुरूआत 14 सितम्बर को सुबह 10 बजे होगी। इस चल समारोह में भगवान जहां भगवान रजत रथ में निकलेंगे वहीं दूसरी ओर इस चल समारोह में युवाओं का डांडिया नृत्य भी प्रमुख होगा। यह चल समारोह के समापन में भगवान का अभिषेक भक्तिभाव से किया जाएगा। रात्रि में होने वाले धर्मसभा के मुख्य अतिथि स्थानीय सांसद डॉ. केपी यादव होंगे। जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जैन समाज के अध्यक्ष रमेश चौधरी करेंगे। समाज के महामंत्री भानू चौधरी, उपाध्यक्ष महेंद्र कड़ेसरा, कोषाध्यक्ष राहुल जैन ने बताया कि इस मौके पर कार्यक्रमों की प्रस्तुति करने वाले कलाकारों को पुरूष्कार प्रदान किए जाएंगे। उसके बाद कवि सम्मेलन आयोजित होगा।

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फोटो139बी- नाटय प्रस्तुति प्रदान करते हुए कलाकार।

फोटो139ई- जैन विमानोत्सव में रजत रथ होगा आकर्षण का केंद्र।