अशोकनगर। नवदुनिया प्रतिनिधि मप्र राज्य खनिज निगम द्वारा रेत नियम-2019 के तहत प्रदेश की रेत खदानों का ई-निविदा के माध्यम से निवर्तन किया जा रहा है। वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्राप्त सुझावों और दीपावली के त्योहार को दृष्टिगत रखते हुए रेत खनिज की निविदाएं प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 8 नवंबर से बढ़ाकर 26 नवंबर कर दी गई है। निगम एवं संचालनालय की वेबसाइट पर संशोधित निविदा कार्यक्रम प्रदर्शित किया गया है। राज्य खनिज निगम द्वारा जारी निविदा प्रपत्र में सफल निविदाकार को वार्षिक ठेका धन की 50 प्रतिशत राशि 3 दिन में जमा कराने का प्रावधान है। निविदाकारों के अनुरोध पर यह अवधि बढ़ाकर 15 दिवस की गई है। प्रदेश के सभी जिलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से निविदा के संबंध में इच्छुक निविदाकारों की आशंकाओं का समाधान किया गया। यह स्पष्टीकरण निगम और संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म की वेबसाइट पर प्रदर्शित किया गया है।

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खबर नं.8

रोटरी द्वारा नेत्र शिविर का आयोजन कर 252 रोगियों की जांच की गई

अशोकनगर। नवदुनिया प्रतिनिधि

रोटरी क्लब द्वारा 10 नवंवर रविवार को पंचम निशुल्क नेत्र शिविर रोटरी भवन में लगाया गया। इस शिविर में 252 मरीजों की आंखों की जांच कर 51 मरीजों को ऑपरेशन के लिए चिन्हित कर सद्युरू नेत्र चिकित्सालय लटेरी स्पेशल बस द्वारा भेजा गया। क्लब के सचिव सुधीर गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि परीक्षण के बाद मरीजों को निशुल्क चश्मे के नंबर, दवाइयां और भोजन की व्यवस्था की गई। इस मौके पर मरीजों का परीक्षण डॉक्टर वर्षा सिंह, के नेतृत्व में शिव गणेश आदि ने किया। शिविर में अध्यक्ष विष्णु अग्रवाल के साथ वरिष्ठ रोटेरियन डॉ. राकेश जैन, वीरेंद्र जैन, रोशन कोहली, सुभाष जैन कैंची, अजीत जैन, मनोज अग्रवाल, बीडी गुप्ता, माधौसिंह रघुवंशी, राजेश शर्मा, नरेश जैन , कमल सिंह रघुवंशी आदि ने विशेष सहयोग किया। अंत में अध्यक्ष विष्णु अग्रवाल द्वारा सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।

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खबर नं.9

कार्तिक का महीना स्नान, दान के साथ दीपदान के लिए भी जाना जाता है

अशोकनगर। निप्र कार्तिक का महीना सच पूछो तो त्योहारों का महिना है। दीपावली से ही कार्तिक महिने की शुरूआत होती है और इसका समापन 09 नवम्बर को कार्तिक पूणिमा के साथ होगा। इस महिने में अनेक प्रकार के त्यौहार मनाए जाते है। त्यौहारों को मनाने के साथ महिलाएं कार्तिक महिने में कुओं पर या जलाशयों पर जाकर स्नान करती है। यह महीना दीपदान के लिए भी जाना जाता है। इसी कारण देव प्रबोधनी ग्यारस को महिलाओं को शहर के तुलसी सरोवर पर पहुचकर तुलसी सरोवर के जल में दीपदान किया।

कार्तिक पूणिमा में अभी समय है लेकिन कार्तिक के इस महिने में महिलाएं हर रोज अपने घरों से जल लेकर तुलसी सरोवर पहुचती है। इन महिलाओं को सामूहिक रूप से टोली के रूप में जाते हुए देखा जा सकता है। यह महिलाएं कार्तिक महिने के गीत गाते हुए देखी जा सकती है। इस मौके पर स्नान के साथ-साथ दीपदान का भी महत्व है। कार्तिक पूर्णिमा में अभी समय है लेकिन आने वाले दिनों में कार्तिक पूणिमा का पर्व मनाया जाएगा। कहते है कि महाभारत युद्घ समाप्त होने के बाद अपने परिजनों के शव देखकर युधिष्ठर बहुत शोकाकुल हुए थे। पाण्डवों को शोक से निकालने के लिए भगवान श्रीकुष्ण ने गणमुक्तेश्वर में आकर मृत आत्माओं को शांति के लिए यज्ञ और दीपदान किया था। तभी से स्नान और दीपदान की परम्परा आरम्भ हुई है। कहते है कि कार्तिक पूर्णिमा सभी सुखों और ऐश्वर्य को प्रदान करने वाली है। दीपदान भय से मुक्ति और सूर्य आराधना से लोकप्रियता और मान सम्मान की प्राप्ति होती है।

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फोटो105- महिलाएं तुलसी सरोवर में दीपदान करते हुए।

Posted By: Nai Dunia News Network